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इस राज्य में टमाटर की कीमतें हुईं दोगुनी, जानिए क्या है वजह

Tomato Prices: तमिलनाडु में टमाटर की कीमतें बीते हफ्तों में तेजी से बढ़ीं हैं। टमाटर अब चेन्नई के कोयंबेडु और धर्मपुरी के पालाकोडे जैसे बाजारों में दोगुनी हो गई हैं। व्यापारियों ने दाम बढ़ने के कारण बताए। जानिए वजह।

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टमाटर की दाम में तेजी (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

Tomato Prices: तमिलनाडु में टमाटर की कीमतों में बीते कुछ हफ्तों में तेजी से बढ़ोतरी हुई है। जून में जहां टमाटर ₹10–₹20 प्रति किलो बिक रहा था, वहीं अब कई थोक मंडियों में इसकी कीमत ₹40–₹45 प्रति किलो तक पहुंच गई है। यह वृद्धि चेन्नई के कोयंबेडु और धर्मपुरी के पालाकोडे जैसे प्रमुख बाजारों में देखी गई है।

कम उत्पादन और बारिश बनी कीमत बढ़ने की मुख्य वजह

व्यापारियों के अनुसार, तमिलनाडु, कर्नाटक और आंध्र प्रदेश जैसे टमाटर उत्पादक राज्यों में हाल ही में हुई बारिश से फसलों को नुकसान पहुंचा है, जिससे उत्पादन में गिरावट आई है। इससे आपूर्ति और मांग के बीच असंतुलन पैदा हो गया है। न्यूज एजेंसी आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक चेन्नई के व्यापारियों का कहना है कि टमाटर की दैनिक आवक में लगभग 30% की कमी आई है। कोयंबेडु थोक विक्रेता संघ के अध्यक्ष एम. थियागराजन के मुताबिक, “पहले रोज़ाना 700 टन टमाटर आता था, जो अब घटकर 500 टन रह गया है। बारिश ने फसल को नुकसान पहुंचाया है और खेती की लागत भी बढ़ रही है।

बुरी तरह प्रभावित हुआ उत्पादन

धर्मपुरी जिले में सालभर करीब 12,000 हेक्टेयर में टमाटर की खेती होती है। लेकिन मानसून के दौरान किसान फसल नुकसान के डर से खेती घटाकर 1,500 हेक्टेयर तक सीमित कर देते हैं। इस बार गर्मियों में हुई बारिश ने और भी अधिक नुकसान पहुंचाया है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक एक वरिष्ठ कृषि अधिकारी ने बताया कि भारी बारिश के कारण टमाटर के पौधों में फंगस और सड़न लगने की संभावना बढ़ जाती है। इसलिए किसान बरसात के मौसम में कम बोते हैं।

थोक और खुदरा दोनों में बढ़ी कीमतें

पालाकोडे थोक बाजार के व्यापारियों ने भी कीमतों में तेज़ी की पुष्टि की है और कहा है कि यह स्थिति अगले दो हफ्तों तक जारी रह सकती है। आईएएनएस की रिपोर्ट के मुताबिक स्थानीय व्यापारी संजय राम ने कहा कि यह एक सामान्य मौसमी उतार-चढ़ाव है। मानसून से सप्लाई कम होती है तो दाम बढ़ जाते हैं। खुदरा बाजार में भी यही रुझान दिख रहा है और अब टमाटर ₹50–₹60 प्रति किलो तक बिक रहा है।

कीमतें कब होंगी सामान्य?

कृषि अधिकारियों का मानना है कि जब अन्य दक्षिणी राज्यों से आपूर्ति सामान्य होगी और नई फसल बाजार में आएगी, तब जाकर कीमतों में स्थिरता आएगी। तब तक व्यापारी और उपभोक्ता दोनों को महंगे टमाटर का सामना करना पड़ेगा।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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