बिजनेस

टमाटर-गोभी-अदरक में लगी है रेस, जानें चिकन को कौन पछाड़ेगा

  • Authored by: प्रशांत श्रीवास्तव
  • Updated Jul 14, 2023, 08:13 PM IST

Tomato And Other Vegetable Price: SBI की रिसर्च रिपोर्ट ईकोरैप ने महंगाई को लेकर चेताया है। उसका कहना है कि टमाटर के अलावा आलू-प्याज की कीमतें भी आने वाले दिनों में परेशान कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 साल के रिकॉर्ड को देखा जाय तो टमाटर से ज्यादा प्याज और आलू की महंगाई का असर पड़ता है।

Image

बारिश से महंगाई का बढ़ा खतरा

Tomato And Other Vegetable Price: सब्जियों के दाम चंद्रयान की रफ्तार से भाग रहे हैं। टमाटर की कीमत 150 रुपये पार कर गई है। और ऐसा अनुमान है कि बारिश और बाढ़ से जो हालात हैं उसकी वजह से वह 300 रुपये किलो तक पहुंच सकता है। इस बीच आलू,गोभी, हरी मिर्च, अदरक भी आंखे दिखाने लगे हैं। अदरक 200 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया है। तो बींस भी टमाटर से पीछे नहीं है, वह 160 रुपये किलोग्राम के रेट तक पहुंच गया है। इसी तरह गोभी की कीमत भी 150 रुपये के करीब पहुंच गई है। सब्जियां की कीमतें बढ़ने में जिस तरह की रेस लगी हुई उससे जल्द ही उम्मीद है कि वह चिकन को पछाड़ देंगी। चिकन की कीमतें 200 रुपये से लेकर 250 रुपये प्रति किलोग्राम तक आम तौर पर रहती हैं।

SBI ने किया अलर्ट

इस बीच एसबीआई की रिसर्च रिपोर्ट ईकोरैप ने महंगाई को लेकर चेताया है। उसका कहना है कि टमाटर के अलावा आलू-प्याज की कीमतें भी आने वाले दिनों में परेशान कर सकती हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 10 साल के रिकॉर्ड को देखा जाय तो टमाटर से ज्यादा प्याज और आलू की महंगाई का असर पड़ता है। और अगर इनकी कीमतें बढ़ने लगी तो यह तय है कि महंगाई दर 6 फीसदी के आंकड़े को भी पार कर सकती है।

रिटेल महंगाई दर तीन माह के टॉप पर

इस बीच जून के आंकड़ों से साफ है कि महंगाई ने बढ़ोतरी का ट्रेंड पकड़ लिया है। जून में यह तीन महीने के टॉप पर पहुंच गई है। जून में रिटेल महंगाई दर 4.82 फीसदी थी। और अगर एसबीआई का अंदेशा सही हुआ तो महंगाई दर आरबीआई के सामान्य स्तर के मानक से ज्यादा पहुंच सकती है। आरबीआई महंगाई दर में 4 फीसदी और उसमें 2 फीसदी ज्यादा, या कम रखता है। ऐसे में अगर टमाटर के साथ दूसरी सब्जियों ने रूलाया तो आरबीआई एक बार कर्ज महंगा करने का रूख अपना सकता है।

प्रशांत श्रीवास्तव
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

और पढ़ें
End of Article