बैंक अकाउंट लोगों की जिंदगी का अहम हिस्सा हैं। ये सिर्फ पैसों के लेन-देन तक सीमित नहीं, बल्कि बचत करने, निवेश करने और भविष्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने में भी मदद करते हैं। वित्त मंत्रालय ने बैंकिंग सेवा क्षेत्र में बड़े बदलाव करने की घोषणा की है। नए बैंकिंग कानून अधिनियम, 2025 के तहत ये बदलाव 1 नवंबर 2025 से लागू होंगे। इन नए नियमों का सीधा असर भारत के करोड़ों बैंक ग्राहकों पर होगा। सरकार का कहना है कि इन बदलावों से ग्राहकों को अपने पैसे और संपत्ति पर ज्यादा नियंत्रण मिलेगा और बैंकिंग सेवाएं पहले से अधिक आसान और लचीली हो जाएंगी। तो आइए जानते हैं 1 नवंबर से कौन कौन से बैंकिंग नियमों में बदलाव होने वाला है?
सबसे बड़ा बदलाव यह है कि अब आप अपनी जमा राशि पर चार लोगों के नाम रख सकते हैं। साथ ही यह तय कर सकते हैं कि किसे कितना हिस्सा मिलेगा, जैसे किसी को 70%, किसी को 20% और बाकी दो को 5-5% हिस्सा। इससे भविष्य में किसी तरह के विवाद की संभावना कम हो जाएगी और पैसे का वितरण साफ-सुथरा रहेगा।
लॉकर और बैंक में रखी गई वस्तुओं के लिए अब से केवल क्रमिक नामांकन (Sequential Nomination) की अनुमति होगी। इसका मतलब है कि पहले नामांकित व्यक्ति की मृत्यु के बाद ही दूसरा नामांकित व्यक्ति लॉकर या संपत्ति तक पहुंच सकेगा। यह नियम सुरक्षा और पारदर्शिता दोनों के लिहाज से महत्वपूर्ण है।
बैंक खातों के लिए भी बड़े बदलाव किए गए हैं। अब आप अपने खाते में चार नॉमिनी रख सकते हैं। इससे भविष्य में क्लेम प्रोसेस आसान हो जाएगी और आपके परिजनों को पैसा मिलने में कोई कठिनाई नहीं होगी। पहले यह सुविधा केवल 1 या 2 नॉमिनी तक सीमित थी।
वित्त मंत्रालय के अनुसार, इन नए नियमों से बैंकिंग सिस्टम में पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्राहकों का अपने जमा पूंजी पर ज्यादा नियंत्रण होगा। साथ ही क्लेम प्रोसेस और संपत्ति के वितरण में आसानी होगी। यह बदलाव ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित होंगे और उन्हें बैंकिंग सेवाओं का लाभ पहले से अधिक सहज तरीके से मिलेगा।
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