Income Tax Rates in India: भारत दुनिया का सबसे अमीर देश नहीं है, लेकिन यहां टैक्स कलेक्शन काफी ज्यादा है और ऐसे में इनकम टैक्स की मौजूदा 40 प्रतिशत की दर को घटाकर 25 प्रतिशत कर देना चाहिए। जानेमाने अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने रविवार को ये बात कही। उन्होंने न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा के साथ बातचीत करते हुए कहा कि आर्थिक वृद्धि की गति को तेज करने के लिए टैक्स की दरों में कटौती करना जरूरी है।
भारत की जीडीपी का 19 प्रतिशत है टैक्स कलेक्शन
सुरजीत भल्ला ने कहा, ''हम दुनिया में बहुत ज्यादा वैश्वीकृत अर्थव्यवस्था हैं। यदि आप भारत में टैक्स संरचना को देखते हैं तो यहां टैक्स का कलेक्शन काफी ज्यादा है, जबकि हम दुनिया की सबसे धनी अर्थव्यवस्था भी नहीं हैं।'' उन्होंने कहा कि राज्य, केंद्र और स्थानीय निकायों का टैक्स कलेक्शन भारत के सकल घरेलू उत्पाद (GDP) का लगभग 19 प्रतिशत है।
कॉरपोरेट टैक्स की तरह इनकम टैक्स की दर भी होनी चाहिए 25 प्रतिशत
अर्थशास्त्री सुरजीत भल्ला ने आगे कहा, ''हमें इसे दो प्रतिशत कम करने की दिशा में आगे बढ़ना चाहिए। जहां तक डायरेक्ट टैक्स का संबंध है, मुझे लगता है कि कुल टैक्स की दर 25 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। अभी ये सरचार्ज को मिलाकर 40 प्रतिशत के करीब है। हमारी कॉरपोरेट टैक्स की दर 25 प्रतिशत है, यही हमारी इनकम टैक्स दर भी होनी चाहिए।''
वित्त वर्ष 2022-23 में हुआ था 19.68 लाख करोड़ रुपये का टैक्स कलेक्शन
इस समय भारत में इनकम टैक्स की अधिकतम दर 39 प्रतिशत है। भल्ला ने कहा कि समाज के एक चुनिंदा वर्ग को लाभ पहुंचाने के बजाय सभी के लिए टैक्स को कम करने की जरूरत है। वित्त वर्ष 2022-23 के दौरान भारत का सकल प्रत्यक्ष कर संग्रह (Gross Direct Tax Collection) 20 प्रतिशत से ज्यादा बढ़कर 19.68 लाख करोड़ रुपये हो गया था।
भाषा इनपुट्स के साथ
