बिजनेस

Tata Steel का मुनाफा 93 फीसदी गिरा, एमडी का कार्यकाल 5 साल बढ़ा

Tata Steel Results: टाटा स्टील ने टी वी नरेंद्रन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए कंपनी का प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है। नरेंद्रन का नया कार्यकाल 19 सितंबर से शुरू होगा।

Image

टाटा स्टील का मुनाफा गिरा

Tata Steel Results:घरेलू इस्पात विनिर्माता टाटा स्टील का शुद्ध लाभ चालू वित्त वर्ष की अप्रैल-जून की पहली तिमाही में 93 प्रतिशत घटकर 524.85 करोड़ रुपये पर आ गया।कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा कि खर्च बढ़ने से उसका लाभ घटा है।एक साल पहले की समान तिमाही में कंपनी ने 7,714 करोड़ रुपये का मुनाफा कमाया था।समान तिमाही में कंपनी की कुल आय भी 4.75 प्रतिशत गिरकर 60,666.48 करोड़ रुपये रही। एक साल पहले की समान अवधि में यह 63,698.15 करोड़ रुपये थी।चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में टाटा स्टील का व्यय बढ़कर 58,553.25 करोड़ रुपये हो गया जबकि साल भर पहले की समान तिमाही में यह 51,912.17 करोड़ रुपये था।

नरेंद्रन का कार्यकाल बढ़ा

टाटा स्टील ने टी वी नरेंद्रन को पांच साल के एक और कार्यकाल के लिए कंपनी का प्रबंध निदेशक एवं मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त किया है।कंपनी ने सोमवार को शेयर बाजारों को दी गई सूचना में कहा कि नरेंद्रन का नया कार्यकाल 19 सितंबर से शुरू होगा। उनका मौजूदा कार्यकाल 18 सितंबर को खत्म होने वाला है।टाटा स्टील ने कहा कि इस नियुक्ति पर शेयरधारकों की मंजूरी लेनी अभी बाकी है।नरेंद्रन को अक्टूबर, 2017 में कंपनी का सीईओ एवं प्रबंध निदेशक नियुक्त किया गया था। इसके पहले वह एक नवंबर, 2013 को कंपनी के प्रबंध निदेशक (भारत एवं दक्षिण-पूर्व एशिया) बनाए गए थे।

PNB Housing का मुनाफा बढ़ा

पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस का शुद्ध मुनाफा चालू वित्त वर्ष की जून तिमाही में 48 प्रतिशत बढ़कर 347 करोड़ रुपये पर पहुंच गया है।पंजाब नेशनल बैंक द्वारा प्रवर्तित इस आवास वित्त कंपनी ने एक साल पहले की समान अवधि में 235 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ कमाया था।पीएनबी हाउसिंग फाइनेंस ने एक नियामकीय सूचना में कहा कि चालू वित्त वर्ष की पहली तिमाही में उसकी कुल आय एक साल पहले की समान अवधि के 1,412 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,708 करोड़ रुपये हो गई।

कंपनी की ब्याज आय जून, 2022 के 1,299 करोड़ रुपये से बढ़कर 1,667 करोड़ रुपये हो गई।कंपनी का कुल खर्च बढ़कर 1,261 करोड़ रुपये हो गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 1,101 करोड़ रुपये था।कंपनी की संपत्ति की गुणवत्ता में सुधार देखा गया। तिमाही के अंत में सकल गैर-निष्पादित परिसंपत्तियां (एनपीए) घटकर सकल अग्रिम का 3.76 प्रतिशत रह गईं, जो एक साल पहले 6.35 प्रतिशत पर थीं।इसी तरह शुद्ध एनपीए घटकर 2.58 प्रतिशत रह गया, जो एक साल पहले की समान अवधि में 4.26 प्रतिशत था।

TNN Business Desk
TNN बिजनेस डेस्क author

TNN बिजनेस डेस्क

और पढ़ें
End of Article