Swiggy IPO GMP: फूड डिलीवरी और क्विक कॉमर्स एग्रीगेटर कंपनी स्विगी का IPO बुधवार 6 नवंबर को खुलने जा रहा है। मगर इससे पहले नॉन-लिस्टेड बाजार में आईपीओ का ग्रे मार्केट प्रीमियम (GMP) काफी गिर गया है। ईटी की रिपोर्ट के अनुसार स्विगी के आईपीओ का जीएमपी केवल 20 रुपये दिख रहा है। आईपीओ वॉच के अनुसार ये कुछ दिन पहले 130 रु था। यानी स्विगी के आईपीओ के जीएमपी में भारी गिरावट आ चुकी है।
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कितना होगा फायदा
आईपीओ में शेयरों का प्राइस बैंड 370-390 रु है। यानी मौजूदा जीएमपी के आधार पर इसकी लिस्टिंग 410 रु पर हो सकती है। आईपीओ के लिए न्यूनतम लॉट साइज 38 शेयर की है, जिसके लिए रिटेल निवेशकों को कम से कम 14,820 रुपये का निवेश करना होगा।
एंकर निवेशकों से जोरदार रेस्पॉन्स मिला
आईपीओ से पहले स्विगी को एंकर निवेशकों से शानदार रेस्पॉन्स मिला। इसने एंकर निवेशकों से 60 करोड़ डॉलर (5047 करोड़ रु) जुटाने का टार्गेट रखा था, जबकि इसकी एंकर बुक को 25 गुना अधिक सब्सक्रिप्शन मिला। इससे एंकर बुक की सब्सक्रिप्शन राशि 15 बिलियन डॉलर (1.26 लाख करोड़ रु) हो गई।
स्विगी पर लगा जुर्माना
इस पर स्विगी पर अपने ग्राहकों से ज़्यादा पैसे वसूलने के लिए डिलीवरी की दूरी बढ़ाने के लिए 35,000 रुपये का जुर्माना लगाया गया है। हैदराबाद में जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग ने ये जुर्माना लगाया है। हैदराबाद के एक यूजर एम्माडी सुरेश बाबू ने स्विगी के ख़िलाफ़ उपभोक्ता अदालत में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने दावा किया कि स्विगी वन मेंबर्स होने के बावजूद जो उसे मुफ्त डिलीवरी मिलनी चाहिए थी, उस पर स्विगी ने उससे डिलीवरी चार्ज लिया। उन्होंने कहा कि उन्होंने 1 नवंबर, 2023 को स्विगी से एक रेस्टोरेंट से खाना ऑर्डर किया जो उनके घर से 9.7 किमी दूर है। लेकिन फ़ूड डिलीवरी प्लेटफ़ॉर्म ने इसे बढ़ाकर 14 किमी कर दिया और उनसे डिलीवरी दूरी के तौर पर 103 रु वसूले।
ये 35000 रु स्विगी को यूजर को देने होंगे।
डिस्क्लेमर : यहां मुख्य तौर पर एक आईपीओ की जानकारी दी गयी है, निवेश की सलाह नहीं। इक्विटी मार्केट में जोखिम होता है, इसलिए निवेश अपने जोखिम पर करें। निवेश करने से पहले एक्सपर्ट की राय जरूर लें।
