ईरान और अमेरिका के बीच एक बार फिर कुछ दिनों के युद्धविराम पर सहमति बन गई है, जिससे वैश्विक बाजारों ने राहत की सांस ली है। इस समझौते की सबसे बड़ी बात यह है कि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के महत्वपूर्ण रास्ते से तेल और गैस की आवाजाही को फिर से मंजूरी दे दी है। इस सकारात्मक खबर का असर आज तेल, शेयर बाजार और रुपये की मजबूती के रूप में साफ देखा जा रहा है। सीजफायर की खबर का भारतीय शेयर बाजार (Share Market) पर भी जबरदस्त असर दिखने की उम्मीद है। बुधवार सुबह भारत का 'गिफ्ट निफ्टी' (GIFT Nifty) 3 फीसदी यानी करीब 699 अंकों की भारी बढ़त के साथ कारोबार कर रहा है। वैश्विक बाजारों में भी तेजी का माहौल है; एशियाई बाजारों में जापान का निक्केई 4.50 प्रतिशत और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी 5.37 प्रतिशत की बढ़त के साथ ट्रेड कर रहे हैं। वहीं, अमेरिकी बाजारों में डाऊ जोंस 2 फीसदी और एसएंडपी 500 लगभग 1 फीसदी की तेजी के साथ बंद हुए।
होर्मुज खुलने का असर
होर्मुज का रास्ता खुलने और दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट दर्ज की गई है। ब्रेंट क्रूड की कीमत 14 डॉलर से अधिक टूटकर 95 डॉलर प्रति बैरल के करीब आ गई है, जबकि डब्लूटीआई (WTI) क्रूड का भाव भी 15 डॉलर प्रति बैरल से ज्यादा गिरकर 97 डॉलर के आसपास पहुंच गया है। कच्चे तेल की कीमतों में हाल के दिनों की यह सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है, जिससे भारत जैसे आयातक देशों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
दरअसल, इस पूरे घटनाक्रम की जड़ स्ट्रेट ऑफ होर्मुज (Strait of Hormuz) है, जो दुनिया के करीब 20% तेल सप्लाई का मुख्य रास्ता है। जब यह रास्ता बंद हुआ था, तब तेल की कीमतें 110 डॉलर प्रति बैरल के पार चली गई थीं, जिससे भारत जैसे तेल आयात करने वाले देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ गया था।  लेकिन अब सीज़फायर के बाद इस रास्ते को दोबारा खोलने की बात सामने आई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट आई है।
तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा फायदा शेयर बाजार को मिलता है। यही कारण है कि अमेरिकी बाजारों में भी तेजी देखने को मिली और इसके संकेत भारतीय बाजार में भी दिखाई दे रहे हैं। खबरों के मुताबिक, फ्यूचर्स मार्केट में भी मजबूती आई है और निवेशक फिर से जोखिम लेने के मूड में दिख रहे हैं।
बाजार झूम उठा
भारतीय बाजार की बात करें तो हाल के दिनों में यह पूरी तरह “headline driven market” बना हुआ है। यानी जैसे ही युद्ध या शांति से जुड़ी खबर आती है, बाजार तुरंत प्रतिक्रिया देता है। हाल ही में जब सीज़फायर की उम्मीद जगी थी, तब भी सेंसेक्स और निफ्टी में जोरदार उछाल देखने को मिला था और कई सेक्टर हरे निशान में बंद हुए थे।

Share Market
आज के ट्रेडिंग संकेतों की बात करें तो सेंसेक्स में 2000 अंकों तक की तेजी की संभावना जताई जा रही है, जबकि निफ्टी भी मजबूत ओपनिंग ले सकता है। आपके दिए गए GIF NIFTY के चार्ट के अनुसार, इंडेक्स 23,860 के आसपास ट्रेड कर रहा है और 3% से ज्यादा की तेजी दिखा चुका है, जो इस बात का संकेत है कि बाजार में बुल्स (खरीदार) हावी हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी मानते हैं कि यह तेजी पूरी तरह स्थायी नहीं हो सकती। क्योंकि यह सीज़फायर फिलहाल अस्थायी (temporary) है और अगर फिर से तनाव बढ़ता है, तो बाजार में गिरावट भी आ सकती है।  इसके अलावा, वैश्विक स्तर पर महंगाई, ब्याज दर और तेल की कीमतें अभी भी जोखिम पैदा कर रही हैं।
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