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Stock Market Today: Sensex-Nifty सपाट, IT शेयरों में बिकवाली हावी, बाजार में क्यों छाई सुस्ती?

शेयर बाजार में आज कारोबार की शुरुआत में सुस्ती का माहौल है। जहां, मार्केट ब्रेड्थ बाजार के अंदरूनी स्ट्रक्चर के कमजोर होने का संकेत दे रही है। वहीं, बेंचमार्क इंडेक्स सेंसेक्स और निफ्टी भी सपाट हैं।

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शेयर बाजार में बिकवाली हावी (Image Source: iStock)

Stock Market Today: जून 2026 के आखिरी सप्ताह के पहले कारोबारी दिन भारतीय शेयर बाजार के बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty ने भले ही हरे निशान के साथ शुरुआत की है। लेकिन, ओवरऑल मार्केट स्ट्रक्चर कमजोर बना हुआ है। फिलहाल, निफ्टी 24,100 के आसपास है, जबकि सेंसेक्स 77,200 के पास कारोबार कर रहा है। आज भारत ही नही, बल्कि वैश्विक बाजारों से मिले-जुले संकेत हैं। इसके अलावा बढ़ता हुआ इंडिया VIX बता रहा है कि दिनभर उतार-चढ़ाव बना रह सकता है।

निफ्टी और सेंसेक्स में अस्थिरता

29 जून सोमवार सेंसेक्स-निफ्टी ने भले ही हरे निशान में शुरुआत की, लेकिन पहले ही घंटे में दोनों इंडेक्स लाल हो गए। Nifty करीब 50 अंक नीचे 24,005.45 तक फिसल गया। वहीं, Sensex 200 अंक से ज्यादा की गिरावट के साथ 76,853.93 तक फिसल गया। दोनों इंडेक्स पर खासतौर पर IT, Auto और Banking स्टॉक्स की बिकवाली ने दबाव बढ़ाया है।

मार्केट ब्रेड्थ कमजोर

NSE-BSE के एडवांस-डिक्लाइन डेटा से पता चलता है आज मोटे तौर पर बाजार में कमजोरी का ट्रेंड है। क्योंकि, ज्यादातर स्टॉक्स में बिकवाली हावी है। शुरुआती घंटे में NSE पर जहां 2,932 स्टॉक्स में ट्रेडिंग हुई, इनमें से 1,094 में खरीदारी और 1,715 में बिकवाली हावी रही। इसी तरह, BSE पर

3,730 स्टॉक्स में ट्रेंडिंग हो रही है। इनमें से 1,522 में खरीदारी और 1,959 में बिकवाली हावी है।

एशियाई बाजारों में बिकवाली

अमेरिका और ईरान के बीच फिर से झड़प होने के बाद क्रूड के दाम में हल्की तेजी देखेने को मिली है। इसका असर एशियाई बाजारों पर दिखा है। खासतौर पर जापान का Nikkei और दक्षिण कोरिया का KOSPI दबाव में में बिकवाली हावी है।

कमोडिटी और रुपये पर का क्या हाल?

ब्रेंट क्रूड 72 डॉलर प्रति बैरल के ऊपर कारोबार कर रहा है, जबकि कच्चे तेल में भी लगभग 1 फीसदी की तेजी रही। दूसरी ओर सोने की कीमतों में हल्की गिरावट दर्ज की गई। डॉलर इंडेक्स लगभग स्थिर रहा, जबकि डॉलर के मुकाबले रुपया मजबूत होकर 94.26 के आसपास पहुंच गया। रुपये की मजबूती आयात आधारित कंपनियों के लिए राहत की खबर हो सकती है।

    Yateendra Lawaniya
    यतींद्र लवानियाauthor

    प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

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