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Spicejet Insolvency Case: स्पाइसजेट की बड़ी मुसीबत ! पायलट और 3 विमान पट्टेदारों ने दाखिल की दिवाला याचिका

Spicejet Insolvency Case: एयरलाइन स्पाइसजेट को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि आयरलैंड के तीन विमान पट्टेदारों और एक पूर्व पायलट ने उसके खिलाफ एनसीएलटी में दिवाला याचिका दायर की है, जिसमें चूक का दावा किया गया है।

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स्पाइसजेट के लिए बुरी खबर

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • स्पाइसजेट के लिए बुरी खबर
  • एक और दिवाला याचिका दायर
  • 3 पट्टेदारों ने दाखिल की याचिका

Spicejet Insolvency Case: एयरलाइन स्पाइसजेट को नई परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि आयरलैंड के तीन विमान पट्टेदारों और एक पूर्व पायलट ने उसके खिलाफ एनसीएलटी में दिवाला याचिका दायर की है, जिसमें चूक का दावा किया गया है। तीन विमान पट्टा कंपनियों - एनजीएफ अल्फा, एनजीएफ जेनेसिस और एनजीएफ चार्ली ने आईबीसी की धारा 9 के तहत याचिका दायर की है, जिसमें स्पाइसजेट के खिलाफ दिवाला कार्यवाही शुरू करने की मांग की गई है। याचिका में कुल 1.26 करोड़ डॉलर (लगभग 110 करोड़ रुपये) का बकाया होने का दावा किया गया है।

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मामले को सुलझाने के लिए मांगा समय

स्पाइसजेट ने इसी सप्ताह राष्ट्रीय कंपनी विधि न्यायाधिकरण (एनसीएलटी) की कार्यवाही के दौरान मामले को सुलझाने के लिए कुछ समय मांगा था, क्योंकि निपटान वार्ता चल रही थी। एनसीएलटी ने एक आदेश में कहा, “स्पाइसजेट की ओर से वकील मौजूद हैं और मामले में भविष्य में की जाने वाली कार्रवाई के बारे में निर्देश प्राप्त करने के लिए समय मांगा है।”

पांच बोइंग 737 पट्टे पर दिए

न्यायाधिकरण ने तीनों याचिकाओं को अगली सुनवाई के लिए सात अप्रैल, 2025 को सूचीबद्ध करने का निर्देश दिया।

पट्टेदारों ने पहले स्पाइसजेट को पांच बोइंग 737 पट्टे पर दिए थे। उन्होंने स्पाइसजेट को कानूनी नोटिस भेजा था, जिसमें उन्होंने इंजन सहित विमान के कुछ हिस्सों की चोरी और उन्हें दूसरे विमानों में इस्तेमाल करने का आरोप लगाया था।

पायलट के दावों पर रोक

इसके अलावा, पायलट द्वारा दायर याचिका के संबंध में, दो सदस्यीय एनसीएलटी पीठ ने पूछा कि क्या दिवाला एवं ऋण शोधन अक्षमता संहिता (आईबीसी) की धारा 10ए के तहत पायलट के दावों पर रोक है।

एनसीएलटी ने कहा, “परिचालन ऋणदाता की ओर से वकील मौजूद हैं और उन्होंने विशेष रूप से कुछ दावा राशि के संबंध में धारा 10ए की प्रयोज्यता और सीमा के मुद्दे के संबंध में मुद्दे की जांच करने के लिए समय मांगा है। इसे देखते हुए मामले को 15 अप्रैल, 2025 को सूचीबद्ध किया जाए।” (इनपुट - भाषा)

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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