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एथेनॉल उत्पादन में बढ़ी अनाज की हिस्सेदारी, अगस्त तक 895 करोड़ लीटर की सप्लाई

अनाज आधारित एथेनॉल में मक्का सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर सामने आया है। अगस्त के अंत तक मक्के से 345 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हुई। इसके बाद सरप्लस FCI चावल से 214 करोड़ लीटर और डैमेज्ड फूड ग्रेन से 64 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हुई।

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एथेनॉल उत्पादन में अनाज की हिस्सेदारी बढ़ी

भारत में एथेनॉल उत्पादन के लिए अनाज आधारित कच्चे माल की भूमिका लगातार बढ़ रही है। ऑल इंडिया डिस्टिलर्स एसोसिएशन (AIDA) के अगस्त 2026 तक के आंकड़ों के मुताबिक, चालू एथेनॉल सप्लाई ईयर 2025-26 में अब तक कुल 895 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हो चुकी है। इसमें करीब 624 करोड़ लीटर यानी लगभग 70 फीसदी हिस्सा अनाज आधारित फीडस्टॉक से आया है।

1048 करोड़ लीटर का था कॉन्ट्रैक्ट

एथेनॉल सप्लाई ईयर 2025-26 के लिए कुल 1048 करोड़ लीटर एथेनॉल का कॉन्ट्रैक्ट हुआ था। अगस्त के अंत तक इसमें से 895 करोड़ लीटर की सप्लाई की जा चुकी है। यानी कॉन्ट्रैक्ट की करीब 85 फीसदी मात्रा सप्लाई हो चुकी है।

मक्का बना एथेनॉल का सबसे बड़ा स्रोत

अनाज आधारित एथेनॉल में मक्का सबसे बड़ा योगदानकर्ता बनकर सामने आया है। अगस्त के अंत तक मक्के से 345 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हुई। इसके बाद सरप्लस FCI चावल से 214 करोड़ लीटर और डैमेज्ड फूड ग्रेन से 64 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हुई।

चीनी आधारित स्रोतों से 271 करोड़ लीटर

हालांकि अनाज आधारित फीडस्टॉक की हिस्सेदारी ज्यादा रही, लेकिन चीनी आधारित स्रोत भी एथेनॉल सप्लाई में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। अगस्त तक चीनी आधारित फीडस्टॉक से कुल 271 करोड़ लीटर एथेनॉल आया। इसमें: जहां गन्ने के रस से 149 करोड़ लीटर उत्पादन हुआ तो, B-हेवी मोलासेस से 107 करोड़ लीटर एथेनॉल बनाया गया। अलावा इसके C-हेवी मोलासेस से 15 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हुई।

अब चुनौती उत्पादन नहीं, खपत बढ़ाने की

AIDA के मुताबिक भारत में एथेनॉल का उत्पादन और सप्लाई नेटवर्क अब काफी बड़ा हो चुका है। ऐसे में अगली चुनौती बढ़ी हुई उत्पादन क्षमता के लिए पर्याप्त और लगातार मांग तैयार करना होगी। इसके लिए फ्लेक्स-फ्यूल व्हीकल्स (FFV), CBG और SAF जैसे क्षेत्रों में एथेनॉल के इस्तेमाल के नए रास्ते तलाशने पर जोर दिया गया है।

AIDA की डिप्टी डायरेक्टर जनरल भारती बालाजी ने कहा कि अनाज और चीनी दोनों तरह के फीडस्टॉक से एथेनॉल उत्पादन होने से भारत का सप्लाई सिस्टम ज्यादा विविध हुआ है। उनके मुताबिक, अलग-अलग कृषि संसाधनों पर निर्भरता से किसी एक फीडस्टॉक पर निर्भरता कम होती है।

अगस्त 2026 के आंकड़े एक नजर में

  • कुल सप्लाई: 895 करोड़ लीटर
  • कॉन्ट्रैक्ट: 1048 करोड़ लीटर
  • कॉन्ट्रैक्ट की सप्लाई: करीब 85%
  • अनाज आधारित: 624 करोड़ लीटर
  • चीनी आधारित: 271 करोड़ लीटर
  • मक्का: 345 करोड़ लीटर
  • सरप्लस FCI चावल: 214 करोड़ लीटर
  • डैमेज्ड फूड ग्रेन: 64 करोड़ लीटर
Gaurav Srivastav
गौरव श्रीवास्तवauthor

टीवी न्यूज रिपोर्टिंग में 10 साल पत्रकारिता का अनुभव है। फिलहाल सुप्रीम कोर्ट से लेकर कानूनी दांव पेंच से जुड़ी हर खबर आपको इस जगह मिलेगी। साथ ही चुनाव आयोग, विपक्ष के राजनीतिक घटनाक्रम से लेकर हर जनहित मुद्दे पर मेरी नजर रहती है।

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