Senior Citizen FD Rates : सुरक्षित निवेश और नियमित आय की तलाश करने वाले वरिष्ठ नागरिकों के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) हमेशा से एक पसंदीदा विकल्प रहा है। अगर आपकी उम्र 60 वर्ष या उससे अधिक है और आप अगले 5 सालों के लिए अपना पैसा FD में लगाने की सोच रहे हैं, तो आपके पास 8.5% तक का शानदार ब्याज पाने का मौका है। 3 करोड़ रुपये तक की जमा राशि पर कुछ बैंक बुजुर्गों को यह आकर्षक ब्याज दर पेश कर रहे हैं।
किन बैंकों में मिल रहा 5 साल की FD पर सबसे ज्यादा ब्याज?
5 साल की अवधि वाली FD पर स्मॉल फाइनेंस बैंक वरिष्ठ नागरिकों को सबसे बेहतरीन रिटर्न दे रहे हैं। इस लिस्ट में सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक (Suryoday Small Finance Bank) सबसे आगे है, जो बुजुर्गों को 5 साल की FD पर 8.5% का वार्षिक ब्याज ऑफर कर रहा है। इसके अलावा, जना स्मॉल फाइनेंस बैंक (Jana Small Finance Bank) भी वरिष्ठ नागरिकों को इसी अवधि के लिए 8% की दर से ब्याज दे रहा है। अपने रिटायरमेंट फंड को सुरक्षित रखकर ज्यादा से ज्यादा रिटर्न पाने के लिए यह एक अच्छा मौका है।
| बैंकों के नाम | ब्याज दर |
|---|---|
| एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.25% |
| इक्विटास स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.50% |
| ईएसएएफ स्मॉल फाइनेंस बैंक | 6.25% |
| जना स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.00% |
| शिवालिक स्मॉल फाइनेंस बैंक | 6.50% |
| स्लाइस स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.25% |
| सूर्योदय स्मॉल फाइनेंस बैंक | 8.50% |
| उज्जीवन स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.70% |
| उत्कर्ष स्मॉल फाइनेंस बैंक | 7.50% |
बैंक FD पर कब कटता है TDS?
FD पर मिलने वाले ब्याज को लेकर टैक्स के नियमों को समझना भी बेहद जरूरी है। नियमों के मुताबिक, अगर किसी बैंक में वरिष्ठ नागरिक को एक वित्तीय वर्ष में मिलने वाला कुल ब्याज 1 लाख रुपये से अधिक हो जाता है, तो बैंक नियमानुसार टैक्स डिडक्टेड एट सोर्स (TDS) काट लेते हैं। ध्यान दें कि TDS कोई अतिरिक्त टैक्स नहीं है। यदि आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स के दायरे में नहीं आती है, तो आप इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) फाइल करके इस कटे हुए TDS का रिफंड दावा कर सकते हैं। समय पर रिफंड मिलने पर आपको उस राशि पर ब्याज भी मिल सकता है।
फॉर्म 15H जमा कर बचाएं अपना TDS
अगर आपकी कुल वार्षिक आय पर कोई टैक्स देनदारी नहीं बनती है, तो आप बैंक में फॉर्म 15H (जिसे अब फॉर्म 121 के रूप में जाना जाता है) जमा करके TDS कटने से बचा सकते हैं। यह 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र के लोगों के लिए एक सेल्फ-डिक्लेरेशन फॉर्म होता है। चार्टर्ड अकाउंटेंट (डॉ.) सुरेश सुराना के अनुसार, नए टैक्स रिजीम (FY 2025-26) के तहत धारा 87A की टैक्स छूट सीमा को बढ़ाकर 12 लाख रुपये कर दिया गया है। यानी अगर आपकी कुल आय 12 लाख रुपये तक है, तो आपकी टैक्स देनदारी शून्य होगी और आप बैंक में फॉर्म 15H जमा करने के योग्य होंगे। वहीं, अगर आपने पुराना टैक्स रिजीम (Old Tax Regime) चुना है, तो बेसिक छूट सीमा 3 लाख रुपये (80 वर्ष से अधिक के लिए 5 लाख रुपये) है और धारा 87A के तहत 5 लाख रुपये तक की आय पर टैक्स नहीं लगता। अगर इस सीमा के भीतर आपकी कुल आय है, तो आप पुराना रिजीम चुनकर भी फॉर्म 15H जमा कर सकते हैं।
बैंकों में फॉर्म 15H देना क्यों है जरूरी?
कई बार लोग यह सोचते हैं कि जब 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई इनकम टैक्स नहीं लग रहा है, तो बैंक TDS क्यों काटते हैं? दरअसल, बैंकों को आपकी कुल वार्षिक आय या अन्य स्रोतों से होने वाली कमाई की जानकारी नहीं होती है। उनका नियम केवल FD के ब्याज पर आधारित होता है। जैसे ही आपका सालाना ब्याज ₹1 लाख की सीमा पार करता है, बैंक अपने आप TDS काट लेते हैं। इसलिए, अगर आप अपनी मेहनत की कमाई पर बेवजह TDS कटने से बचाना चाहते हैं, तो वित्तीय वर्ष की शुरुआत में ही अपने बैंक में फॉर्म 15H जमा करना ना भूलें। यदि किसी कारणवश TDS कट भी जाता है, तो चिंता की बात नहीं है; आप ITR दाखिल करके अपना रिफंड वापस पा सकते हैं।
