बिजनेस

Share Market Today : खुलते ही लाल हुआ बाजार, Nifty 150, Sensex 400 अंक लुढ़का

शेयर बाजार के लिहाज से जून की शुरुआत निराशाजनक रही है। 2 जून, 2026 को निफ्टी और सेंसेक्स की गैप डाउन ओपनिंग हुई है। इसके अलावा बाजार में व्यापक बिकवाली हावी है।

Image

शेयर बाजार में गिरावट

Photo : iStock

Share Market Today : मंगलवार 2 जून, 2026 को भारतीय शेयर बाजार खुलते ही लाल हो गया है। बेंचमार्क इंडेक्स Sensex और Nifty गैप डाउन ओपनिंग के बाद नीचे फिसलते दिख रहे हैं। वहीं, ब्रॉड और सेक्टोरल मार्केट में भी बिकवाली हावी दिख रही है। NSE के डाटा के मुताबिक NIFTY 0.66% की गिरावट के साथ 153.45 अंक नीचे 23,229.15 पर ओपन हुआ है। वहीं, BSE के डाटा के मुताबिक SENSEX 0.43% की गिरावट के साथ 322.14 अंक लुढ़कर 73,945.20 अंक पर ओपन हुआ।

गैप डाउन ओपनिंग के बाद निफ्टी-सेंसेक्स में जहां गिरावट और आगे बढ़ती दिख रही है। वहीं, ब्रॉड माकेट के सभी बड़े इंडेक्स भी लाल निशान में करोबार कर रहे हैं। ज्यादातर मिड और स्मॉलक कैप इंडेक्स 0.50 से 1 फीसदी तक गिरावट के साथ कारोबार कर रहे हैं। वहीं, सेक्टोरल मार्केट में बैंकिंग और फाइनेंशियल सर्विसेज से जुड़े इंडेक्स और स्टॉक्स में भारी गिरावट देखने को मिली है।

हालांकि, शेयर बाजार में चौतरफा गिरावट के दौर में भी कुछ सेक्टर अच्छा परफॉर्म कर रहे हैं। डॉलर के मुकाबले रुपये में गिरावट और अमेरिकी आईटी स्टॉक्स में रैली के चलते भारतीय बाजार के लिस्टेड आईटी दिग्गजों में भी रैली जारी है। इसी वजह से आज बड़े इंडेक्सों में Nifty IT 2 फीसदी से ज्यादा तेजी के साथ कारोबार कर रहा है। इसके अलावा अमेरिका की तरफ से मैन्यूफैक्चरिंग से जुड़े आयात पर टैरिफ घटाने का असर भी दिखा है। खासतौर पर मेटल सेक्टर में इसके चलते रैली देखने को मिल रही है। Nifty Metal भी हरे निशान में कारोबार कर रहा है।

IT स्टॉक्स की रैली का असर सेंसेक्स-निफ्टी पर भी है। दोनों इंडेक्स में IT स्टॉक्स ही हरे निशान में हैं। Infosys, TCS, HCL, Tech Mahindra जैसे टेक दिग्गज स्टॉक्स दोनों इंडेक्स में टॉप गेनर हैं। खासतौर पर इन्फोसिस के शेयरों में 3 फीसदी से ज्यादा तेजी देखने को मिली है। वहीं, बजाज फाइनेंस सेंसेक्स में 2.5 फीसदी से ज्यादा की गिरावट के साथ टॉप लूजर है।

क्यों फिसल रहा बाजार?

बाजार की गिरावट के पीछे एक साथ कई फैक्टर काम कर रहे हैं। एक बड़ा असर तो MSCI रिबैलेंसिंग का आफ्टर इफैक्ट है। इसके अलावा RBI की MPC मीटिंग, क्रूड के दाम, यूएस-ईरान के बीच समझौते पर असमंजस और आने वाले दिनों में अमेरिका के जॉब मार्केट, महंगाई के आंकड़ों के साथ ही US FED की मीटिंग को लेकर निवेशकों का रुख सतर्कता भरा है।

Yateendra Lawaniya
यतींद्र लवानियाauthor

प्रिंट और डिजिटल मीडिया में बिजनेस एवं इकोनॉमी कैटेगरी में 10 वर्षों से अधिक का अनुभव। पिछले 7 वर्षों से शेयर बाजार, कॉरपोरेट सेक्टर और आर्थिक नीतियों से जुड़ी खबरों पर विशेष पकड़। लेखन में केवल हेडलाइन तक सीमित न रहकर आंकड़ों, नीतिगत फैसलों और कॉरपोरेट दावों के पीछे की वास्तविक तस्वीर को बैलेंस्ड और आसान शब्दों में पाठकों तक पहुंचाने का प्रयास। वर्तमान में Times Now Hindi के लिए बाजार की हर हलचल और आर्थिक घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए हैं।

और पढ़ें
End of Article