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Share Market Live Updates 7 April 2025: शेयर बाजार के लिए ब्लैक मंडे, सेंसेक्स 3000 अंक ज्यादा लुढ़का, निफ्टी का हुआ ये हाल

Share Market Live Updates 7 April 2025: ट्रंप टैरिफ से अमेरिका समेत दुनिया भर के शेयर बाजार में भूचाल आया हुआ है। इससे भारतीय शेयर बाजार भी अछूता नहीं रहा। ओपन होते ही सेंसेक्स 3900 अंकों से ज्यादा लुढ़क गया। जबकि निफ्टी 21,800 से नीचे चला गया।

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शेयर बाजार में हाहाकार

Share Market Live Updates 7 April 2025: दुनिया के शेयर बाजारों में भारी गिरावट देखी गई। आज बाजार ओपन होने के बाद प्री-ओपनिंग में सेंसेक्स 3,900 अंक से अधिक गिरा, जबकि निफ्टी 1140 अंक लुढ़क गया। निफ्टी 21,800 से नीचे चला गया। सेंसेक्स शुरुआती कारोबार में 3,939.68 अंक की भारी गिरावट के साथ 71,425.01 अंक पर खुला, निफ्टी 1,160.8 अंक फिसलकर 21,743.65 अंक पर पहुंच गया। शुरुआती कारोबार में टाटा मोटर्स से लेकर मझगांव डॉक तक के शेयर में बड़ी गिरावट आई। जानिए पल-पल का अपडेट।

ये शेयर गिरे सबसे ज्यादा

Infosys के शेयरों में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ स्टॉक 1343 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। टाटा मोटर्स के शेयरों में 8 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है और इसके साथ स्टॉक 565 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। टाटा स्टील के शेयरों में 10 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई है। इसके साथ स्टॉक 126 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। Mazagon Dock Shipbuilders के शेयरों में 7 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है और इसके साथ स्टॉक 2352 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। Mazagon Dock Shipbuilders के शेयरों में 7 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है और इसके साथ स्टॉक 2352 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। Reliance Industries के शेयरों में 4 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है और इसके साथ स्टॉक 1154 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। टीसीएस के शेयरों में 5 फीसदी से अधिक की गिरावट दर्ज हुई है और इसके साथ स्टॉक 3148 रुपये के आसपास कारोबार कर रहा है। India VIX 40 फीसदी ऊपर चढ़कर 19.26 पर कारोबार कर रहा है।

एशियाई शयेर बाजार समेत दुनिया का बुरा हाल

एशियाई बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग करीब 11 प्रतिशत, जापान का निक्की 225 करीब सात प्रतिशत, चीन का शंघाई एसएसई कम्पोजिट छह प्रतिशत से अधिक और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी पांच प्रतिशत की गिरावट में रहा। अमेरिकी बाजारों में भी शुक्रवार को भारी गिरावट दर्ज की गई थी। एसएंडपी 500 में 5.97 प्रतिशत, नैस्डैक कंपोजिट में 5.82 प्रतिशत और डॉव में 5.50 प्रतिशत की गिरावट आई थी। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 2.74 प्रतिशत लुढ़ककर 63.78 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) शुक्रवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 3,483.98 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। सेंसेक्स में पिछले सप्ताह 2,050.23 अंक या 2.64 प्रतिशत की गिरावट आई थी जबकि एनएसई निफ्टी 614.8 अंक या 2.61 प्रतिशत फिसला था।

रणनीति पर पुनर्विचार करें ट्रंप

बाजार एक्सपर्ट शरद कोहली ने कहा कि सेंसेक्स और निफ्टी में 5 प्रतिशत से अधिक की गिरावट हुई। साथ ही उन्होंने कहा कि शेयर बाजारों में यह एक ब्लैक मंड है। शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में 6 प्रतिशत से अधिक की महत्वपूर्ण गिरावट के बाद आज की गिरावट काफी अपेक्षित थी। मेरा मानना है कि राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा लगाए गए टैरिफ अच्छे नहीं हैं। अमेरिका में आंतरिक विरोध है। व्यावहारिक रूप से सभी वैश्विक बाजार नीचे हैं, जिसमें भारत भी शामिल है। इससे पूंजी बाजार और भी अधिक गिर सकता है और वैश्विक मंदी भी शुरू हो सकती है। अब समय आ गया है कि राष्ट्रपति ट्रम्प अपनी पूरी रणनीति पर पुनर्विचार करें।

शुक्रवार को ऐसा रहा भारतीय शेयर बाजार का हाल

शुक्रवार को बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 930.67 अंक गिरकर 75,364.69 पर बंद हुआ। शेयर बाजार में कमजोर रुख के चलते बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का बाजार पूंजीकरण 9,98,379.46 करोड़ रुपये घटकर 4,03,34,886.46 करोड़ रुपये (4,730 अरब डॉलर) रह गया। बीएसई में 2,820 शेयरों में गिरावट आई, 1,126 शेयरों में तेजी आई और 130 शेयरों के भाव में कोई बदलाव नहीं हुआ।

दुनिया के शेयर बाजारों का हाल

जापान के निक्केई 225 इंडेक्स ने बाजार खुलने के तुरंत बाद करीब 9% की गिरावट दर्ज की, जो अक्टूबर 2023 के बाद से इसका सबसे कम स्तर था। जापानी बैंक शेयरों का इंडेक्स 17% गिरा, जबकि व्यापक टॉपिक्स इंडेक्स 8% गिरकर 2,284.69 पर आ गया। दक्षिण कोरिया में, कोस्पी सूचकांक 4.34% गिर गया और स्मॉल-कैप कोस्डैक 3.48% नीचे चला गया। हांगकांग का हैंग सेंग इंडेक्स फ्यूचर्स 22,772 पर था। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के टैरिफ फैसलों का परिणाम मानी जा रही है। आ

'ब्लैक मंडे' की चेतावनी

अमेरिकी शेयर बाजारों में 4 अप्रैल को आई भारी गिरावट के बाद एक्सपर्ट ने सोमवार 7 अप्रैल को 'ब्लैक मंडे' 2.0 का खतरा जताया था। शुक्रवार 4 अप्रैल को, अमेरिकी बाजारों में 5 ट्रिलियन डॉलर से अधिक का सफाया हो गया था। डॉऊ जोन्स वायदा 1,405 अंक (3.7%) गिर गया था, और एएंडपी 500 व नैस्डैक-100 फ्यूचर्स में 4.3% और 5.4% की गिरावट आई थी। विशेषज्ञों ने इस गिरावट को संभावित 'ब्लैक मंडे' के रूप में देखा, जिससे वैश्विक वित्तीय संकट का खतरा बढ़ गया।

ब्लैक मंडे का इतिहास

'ब्लैक मंडे' 19 अक्टूबर 1987 को हुआ था, जब डॉऊ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज ने एक ही दिन में 22.6% की गिरावट देखी थी। उस दिन की गिरावट ने वैश्विक बाजारों में भारी मंदी को जन्म दिया था। एसएंडपी 500 में भी 30% की गिरावट आई थी और नवंबर 1987 तक अधिकांश प्रमुख शेयर बाजारों ने अपने मूल्य का 20% से अधिक खो दिया था। इस घटना को वित्तीय इतिहास के सबसे कुख्यात दिनों में गिना जाता है। जून 1987 के बाद, आज का दिन दुनिया भर के बाजारों के लिए एक और चुनौती बन सकता है। यदि 'ब्लैक मंडे 2.0' का खतरा सच साबित होता है, तो यह वैश्विक आर्थिक संकट का कारण बन सकता है।

निवेशकों की संपत्ति 10 लाख करोड़ रुपये डूबे

शुक्रवार को शेयर बाजार में गिरावट से निवेशकों की संपत्ति में 10 लाख करोड़ रुपये की गिरावट आई। वैश्विक व्यापार युद्ध की बढ़ती आशंकाओं के बीच कमजोर वैश्विक बाजारों के कारण सभी क्षेत्रों में बिकवाली हुई। इसके अलावा, विश्लेषकों ने कहा कि बाजार की दिग्गज रिलायंस इंडस्ट्रीज, लार्सन एंड टुब्रो और इन्फोसिस में भारी बिकवाली और कच्चे तेल की वैश्विक कीमतों में तेज गिरावट ने भी धारणा को प्रभावित किया। इससे नरमी की आशंकाओं का संकेत मिलता है।

(डिस्क्लेमर : ये लेख केवल सूचनात्मक उद्देश्य के लिए है और इसे किसी भी निवेश की सलाह के रूप में नहीं माना जाना चाहिए। टाइम्स नाउ नवभारत डॉट कॉम अपने पाठकों/दर्शकों को सुझाव देता है कि वे निवेश से संबंधित कोई भी फैसला लेने से पहले अपने वित्तीय सलाहकारों से सलाह लें।)

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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