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शेयर बाजार में दूसरे दिन शानदार तेजी लेकिन रुपये में गिरावट जारी, जानें आज 1 डॉलर का भाव

करेंसी एक्सपर्ट का कहना है कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी से निवेशक चिंतित हैं। इससे रुपये पर दबाब बढ़ा है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर में मजबूती भी रुपये को नीचे लाने का काम कर रहा है।

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रुपया बनाम डॉलर

ईरान युद्ध खत्म होने की उम्मीद से भारतीय शेयर बाजार में आज लगातार दूसरे दिन शानदार तेजी दर्ज की गई है। हालांकि, इसका असर रुपये पर होता नहीं दिख रहा है। रुपये में कल के बाद अज भी गिरावट दर्ज की गई। अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया 20 पैसे टूटकर 93.96 प्रति डॉलर के नए सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ। रुपया बुधवार को शुरुआती कारोबार में 18 पैसे टूटकर 93.94 प्रति डॉलर पर खुला था। रुपया मंगलवार को 23 पैसे टूटकर अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 93.76 पर बंद हुआ था। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.15 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.28 पर रहा।

क्यों टूट रहा है रुपया?

करेंसी एक्सपर्ट का कहना है कि विदेशी पूंजी की निरंतर निकासी से निवेशक चिंतित हैं। इससे रुपये पर दबाब बढ़ा है। इसके अलावा वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उछाल और डॉलर में मजबूती भी रुपये को नीचे लाने का काम कर रहा है। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड का भाव 4.4 प्रतिशत की गिरावट के साथ 99.89 डॉलर प्रति बैरल रहा। शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) मंगलवार को बिवकाल रहे थे और उन्होंने 8,009.56 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।

एक्सपर्ट का क्या कहना है ?

जतीन त्रिवेदी, VP रिसर्च एनालिस्ट- कमोडिटी और करेंसी, LKP सिक्योरिटीज के अनुसार, ईरान संकट के कारण मिडिल ईस्ट में लगातार तनाव और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें हैं, भारत के इंपोर्ट का आउटलुक भी बिगड़ रहा है। तनाव कम होने के कुछ सकारात्मक संकेतों के बावजूद, वैश्विक अनिश्चितता बनी रहने के कारण करेंसी पर दबाव बना हुआ है। जब तक ईरान शांति वार्ता में कोई स्पष्ट प्रगति नहीं दिखती, तब तक इसमें गिरावट का रुख बने रहने की संभावना है।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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