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Share Market Today: सेंसेक्स 98 अंक चढ़कर रिकॉर्ड ऊंचाई पर, निफ्टी ने भी छुआ नया शिखर

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Sep 16, 2024, 06:18 PM IST

Share Market Today: बीएसई सेंसेक्स 97.84 अंक यानी 0.12 फीसदी की बढ़त के साथ नई रिकॉर्ड ऊंचाई 82,988.78 अंक पर बंद हुआ। नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी 27.25 अंक यानी 0.11 फीसदी की बढ़त के साथ 25,383.75 अंक पर बंद हुआ। बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.28 फीसदी चढ़ने में सफल रहा।

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शेयर मार्केट में तेजी।

Photo : iStock

Share Market Today: शेयर बाजारों में सोमवार को तेजी लौटी और बीएसई सेंसेक्स 98 अंक की बढ़त के साथ अपने अबतक के उच्चतम स्तर पर बंद हुआ। एनएसई निफ्टी भी कारोबार के दौरान रिकॉर्ड ऊंचाई पर पहुंचने में सफल रहा। विदेशी कोषों के निवेश के बीच ऊर्जा और बैंक शेयरों में लिवाली से बाजार को तेजी मिली। बीएसई सेंसेक्स 97.84 अंक यानी 0.12 फीसदी की बढ़त के साथ नई रिकॉर्ड ऊंचाई 82,988.78 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान एक समय यह 293.4 अंक चढ़कर नये शिखर 83,184.34 अंक तक चला गया था।

इन स्टॉक्स में रही तेजी

नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी भी 27.25 अंक यानी 0.11 फीसदी की बढ़त के साथ 25,383.75 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान यह 89.2 अंक चढ़कर रिकॉर्ड 25,445.70 अंक तक चला गया था। सेंसेक्स की कंपनियों में एनटीपीसी सबसे ज्यादा 2.44 प्रतिशत के लाभ में रही। इसके अलावा जेएसडब्ल्यू स्टील, लार्सन एंड टुब्रो, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, नेस्ले, महिंद्रा एंड महिंद्रा और टाटा स्टील के शेयर भी प्रमुख रूप से बढ़त में रहे।ॉ

बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स

दूसरी तरफ, बजाज फाइनेंस में तीन फीसदी से ज्यादा की गिरावट आई। हिंदुस्तान यूनिलीवर, बजाज फिनसर्व, अदाणी पोर्ट और एशियन पेंट्स में भी नुकसान रहा। जियोजीत फाइनेंशियल के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि विदेशी पूंजी का प्रवाह और घरेलू वृद्धि में स्थिरता की उम्मीद निवेशकों की धारणा को आशावादी बनाए रख सकती है। व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप इंडेक्स 0.28 फीसदी चढ़ने में सफल रहा जबकि मिडकैप में 0.01 प्रतिशत की मामूली बढ़ोतरी देखने को मिली।

FII की खरीदारी

प्रभुदास लीलाधर फर्म के परामर्श प्रमुख (पीएल कैपिटल) विक्रम कसट ने कहा कि भारतीय बाजारों ने अपना तेजी का रुख कायम रखा और निफ्टी अपने रिकॉर्ड उच्च स्तर पर पहुंच गया। इसके पीछे विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की लिवाली और मजबूत बाजार दायरे की अहम भूमिका रही। हालांकि, फेडरल रिजर्व की बैठक से पहले निवेशक सतर्कता के साथ आशावादी रह सकते हैं।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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