Sensex-Nifty vs Broad Market: शेयर बाजार में ज्यादातर निवेशकों की नजर बेंचमार्क इंंडेक्स निफ्टी और सेंसेक्स तक रहती है। लेकिन, निफ्टी में जहां 50 कंपनियों की हलचल का पता चलता है, वहीं, सेंसेक्स में 30 कंपनियों की जानकारी मिलती है। जबकि, बाजार में करीब 5000 कंपनियां लिस्टेड हैं। इन 5000 में से 1000 टॉप कंपनियों का हाल देखते हैं, तो बेहद चौंकाने वाली तस्वरी सामने आती है। क्योंकि, सितंबर 2024 के बाद से सेंसेक्स और निफ्टी में जहां एक सीमित गिरावट दिखी है। वहीं, ब्रॉडर मार्केट में भारी बिकवाली ने सैकड़ों शेयरों को गहरे नुकसान में धकेल दिया है।
इंडेक्स की मजबूती के पीछे छिपी कमजोरी
सितंबर 2024 के बाद से सेंसेक्स और निफ्टी में करीब 7% की गिरावट दर्ज हुई है। पहली नजर में यह गिरावट ज्यादा बड़ी नहीं लगती। लेकिन इंडेक्स की यह मजबूती बाजार की असली स्थिति को पूरी तरह नहीं दिखाती। कई सेक्टर और ज्यादातर छोटे शेयरों में लगातार बिकवाली देखने को मिली है।
1000 में से 735 शेयर सितंबर के स्तर से नीचे
एक स्टडी के मुताबिक NSE में लिस्टेड टॉप 1000 कंपनियों में से 735 शेयर सितंबर 2024 के स्तर से नीचे ट्रेड कर रहे हैं। यानी बाजार के बड़े हिस्से में गिरावट जारी है। दूसरी तरफ सिर्फ 265 शेयर ही ऐसे हैं जिन्होंने इस अवधि में निवेशकों को सकारात्मक रिटर्न दिया है।
| गिरावट का दायरा | कंपनियों की संख्या |
|---|---|
| 70% से ज्यादा गिरावट | 8 |
| 60% – 70% गिरावट | 27 |
| 50% – 60% गिरावट | 74 |
| 40% – 50% गिरावट | 115 |
| 30% – 40% गिरावट | 157 |
| 20% – 30% गिरावट | 136 |
| 10% – 20% गिरावट | 125 |
| 10% तक गिरावट | 93 |
| कुल गिरावट वाले शेयर | 735 |
सैकड़ों शेयरों में 20% से ज्यादा गिरावट
ब्रॉडर मार्केट की कमजोरी का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि 517 कंपनियों के शेयर 20% से ज्यादा गिर चुके हैं। इनमें से 408 कंपनियों के शेयरों में 20% से 50% तक की गिरावट दर्ज की गई है। इससे साफ है कि बाजार की गिरावट सिर्फ चुनिंदा शेयरों तक सीमित नहीं है।
स्मॉलकैप और माइक्रोकैप में सबसे ज्यादा दबाव
गिरावट का सबसे ज्यादा असर छोटे शेयरों पर पड़ा है। निफ्टी स्मॉलकैप इंडेक्स करीब 18% नीचे आ चुका है। वहीं माइक्रोकैप 250 इंडेक्स में लगभग 23% की गिरावट दर्ज की गई है। यह दिखाता है कि निवेशक जोखिम वाले शेयरों से दूरी बना रहे हैं।
कुछ शेयरों ने दी चौंकाने वाली तेजी
जहां एक तरफ बाजार में गिरावट रही, वहीं कुछ शेयरों ने शानदार रिटर्न भी दिया। BGR Energy Systems, Cupid, Indo Thai Securities और AGI Infra जैसे शेयरों में जबरदस्त तेजी देखी गई। इनमें से कुछ स्टॉक्स में 200% से लेकर 500% से ज्यादा तक का उछाल दर्ज हुआ।
| तेजी का दायरा | कंपनियों की संख्या |
|---|---|
| 200% से ज्यादा तेजी | 4 |
| 100% – 200% तेजी | 17 |
| 50% – 100% तेजी | 48 |
| 40% – 50% तेजी | 18 |
| 30% – 40% तेजी | 16 |
| 20% – 30% तेजी | 40 |
| 10% – 20% तेजी | 44 |
| 10% तक तेजी | 78 |
| कुल तेजी वाले शेयर | 265 |
कई कंपनियों के शेयर 70% तक टूटे
दूसरी तरफ कई कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट भी दर्ज हुई। Ola Electric Mobility, Cohance Lifesciences, Jai Corp और Vedant Fashions जैसे शेयरों में 70% तक की गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि बाजार में चुनिंदा तेजी के बावजूद बड़ी संख्या में शेयर दबाव में हैं।
| टॉप गेनर्स | बढ़त (% - 30 सितंबर 2024 के बाद) | टॉप लूजर्स | गिरावट (% - 30 सितंबर 2024 के बाद) |
|---|---|---|---|
| बीजीआर एनर्जी सिस्टम्स | 576.6% | ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी | -76.6% |
| क्यूपिड | 454.8% | कोहांस लाइफसाइंसेज | -75.9% |
| इंडो थाई सिक्योरिटीज | 240.3% | जई कॉर्प | -73.9% |
| एजीआई इंफ्रा | 203.1% | वेदांत फैशंस | -73.5% |
| फोर्स मोटर्स | 176.0% | एस एंड डब्ल्यू रिन्यूएबल एनर्जी | -71.8% |
| लुमैक्स ऑटो टेक | 162.6% | जई बालाजी इंडस्ट्रीज | -71.5% |
| एक्यूटास केमिकल्स | 147.4% | इलेक्ट्रोस्टील कास्टिंग्स | -71.1% |
| एक्सिसकेड्स टेक | 139.0% | रूट मोबाइल | -70.2% |
ब्रॉडर मार्केट की कमजोरी से क्या संकेत
निफ्टी में करीब 6.9% की गिरावट दर्ज हुई है, जबकि मिडकैप लगभग 7% नीचे है। वहीं स्मॉलकैप में करीब 18% और माइक्रोकैप में करीब 22.5% की गिरावट आ चुकी है। यह संकेत देता है कि बाजार के इंडेक्स भले स्थिर दिख रहे हों, लेकिन असली दबाव ब्रॉडर मार्केट में ज्यादा है।
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