भारतीय शेयर बाजार में सोमवार को शानदार तेजी रही। बीएसई सेंसेक्स 1,074 अंक चढ़ गया, जबकि एनएसई निफ्टी 312 अंक उछलकर बंद हुआ। तीस शेयरों पर आधारित बीएसई सेंसेक्स 1,073.61 अंक यानी 1.42 प्रतिशत चढ़कर 76,488.96 अंक पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान, यह 1,143.72 अंक बढ़कर 76,559.07 अंक पर पहुंच गया।
इसी प्रकार, पचास शेयरों वाला एनएसई निफ्टी 312.40 अंकबढ़कर 24,031.70 अंक परत्र बंद हुआ। सेंसेक्स की कंपनियों में से बजाज फाइनेंस, लार्सन एंड टुब्रो, एचडीएफसी बैंक, इटर्नल, बजाज फिनसर्व और कोटक महिंद्रा बैंक के शेयर प्रमुख रूप से लाभ में रहे।
दूसरी तरफ इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, सन फार्मा और हिंदुस्तान यूनिलीवर के शेयरों में गिरावट देखी गई। वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 5.52 प्रतिशत टूटकर 97.82 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
इन 3 वजहों से बाजार में लौटी शानदार तेजी
1. अमेरिका-ईरान में समझौते की उम्मीद
अमेरिका और ईरान के बीच संभावित शांति समझौते की उम्मीद ने बाजार का सेंटीमेंट मजबूत किया। इसी के चलते बाजार में शाानदार तेजी लौटी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने शनिवार को कहा कि ईरान के साथ शांति समझौते को लेकर काफी प्रगति हुई है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि समझौते के बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोला जाएगा। यह दुनिया का बेहद अहम समुद्री मार्ग है, जहां से वैश्विक तेल निर्यात का करीब पांचवां हिस्सा गुजरता है।
2. कच्चे तेल की कीमतों में बड़ी गिरावट
अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड की कीमत सोमवार को 5% से ज्यादा गिरकर 98 डॉलर प्रति बैरल से नीचे आ गई। इससे भारतीय बाजार को बड़ी राहत मिली। तेल की कीमतों में लगातार गिरावट भारत की वित्तीय स्थिति पर दबाव कम करेगी, महंगाई के खतरे को घटाएगी और ब्याज दरों में राहत की संभावना बढ़ाएगी।
3. रुपये में मजबूती से बढ़ा निवेशकों का भरोसा
सोमवार को भारतीय रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 35 पैसे मजबूत होकर 95.25 पर बंद हुआ। इसकी बड़ी वजह अमेरिका-ईरान तनाव कम होने की उम्मीद और भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के गवर्नर संजय मल्होत्रा का बयान रहा। रुपये में मजबूती लौटने से शेयर बाजार में लौटी तेजी।
मार्को रूबियो ने समझौते के संकेत दिए
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने सोमवार को कहा कि ईरान के साथ होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए बातचीत में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। हालांकि, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप सतर्क रुख अपना रहे हैं और किसी भी खराब समझौते को स्वीकार नहीं करेंगे।
जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लि. के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और अमेरिका-ईरान समझौते को लेकर बढ़ती उम्मीदों के चलते बाजार में तेजी रही। होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की दिशा में प्रगति की खबरों से वैश्विक धारणा में सुधार हुआ है। हालांकि, घटनाक्रम में लगातार बदलाव को देखते हुए स्थिति अभी भी अनिश्चित बनी हुई है।
वैश्विक बाजारों में भी तेजी
एशिया के अन्य बाजारों में जापान का निक्की 225 और चीन का शंघाई कम्पोजिट बढ़त के साथ बंद हुए। दक्षिण कोरिया और हांगकांग में अवकाश के कारण बाजार बंद रहे। यूरोप के प्रमुख बाजार दोपहर के कारोबार में बढ़त में रहे। अमेरिकी बाजार शुक्रवार को सकारात्मक दायरे में बंद हुए थे। शेयर बाजार के आंकड़ों के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने शुक्रवार को 4,440.47 करोड़ रुपये के शेयर बेचे।
