भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने अनिवार्य रिन्यूअल फीस का भुगतान नहीं करने पर Religare Capital Markets समेत 12 रिसर्च एनालिस्ट इकाइयों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया है। बाजार नियामक ने बुधवार को जारी आदेश में कहा कि इन संस्थाओं को रजिस्ट्रेशन रिन्यू कराने के लिए कई मौके दिए गए, लेकिन तय फीस का भुगतान नहीं किया गया।
पांच साल में देनी होती है रिन्यूअल फीस
SEBI के Research Analysts Regulations, 2014 के तहत रजिस्टर्ड रिसर्च एनालिस्ट को अपना रजिस्ट्रेशन जारी रखने के लिए हर पांच साल में निर्धारित रिन्यूअल फीस जमा करनी होती है। संबंधित 12 संस्थाओं की फीस जमा करने की समयसीमा मई 2024 से नवंबर 2025 के बीच थी। हालांकि, तय तारीख निकलने के बाद भी इन संस्थाओं ने रिन्यूअल फीस का भुगतान नहीं किया। इसके बाद SEBI ने मामले में समरी प्रोसीडिंग शुरू की।
नोटिस के बाद भी नहीं दिया भुगतान का सबूत
SEBI ने Religare Capital Markets समेत संबंधित संस्थाओं को फरवरी 2025, मई 2026 और अगस्त 2026 में कारण बताओ नोटिस जारी किए। नियामक के मुताबिक, इन संस्थाओं की ओर से जवाब जरूर दिए गए, लेकिन किसी ने भी रिन्यूअल फीस का भुगतान नहीं होने की बात को गलत साबित करने के लिए कोई दस्तावेजी सबूत पेश नहीं किया। इसके बाद नियामक ने इनके रिसर्च एनालिस्ट रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द करने का फैसला लिया।
इन संस्थाओं का भी रजिस्ट्रेशन रद्द
रजिस्ट्रेशन रद्द की गई 12 संस्थाओं में Religare Capital Markets, Indeed Research, WSA Equity and Financial Research, IndiaNivesh Securities, Espirito Santo Securities India, Sunil Kumar Dhavala, Magnum Capital Advisors और Ravi Kiran Kulkarni समेत अन्य रिसर्च एनालिस्ट शामिल हैं। SEBI के मुताबिक, यह कार्रवाई इसलिए की गई है ताकि एक्सपायर हो चुके रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट का इस्तेमाल करके निवेशकों को गुमराह या भ्रमित न किया जा सके।
पुरानी गतिविधियों की जिम्मेदारी बनी रहेगी
SEBI ने यह भी स्पष्ट किया है कि रजिस्ट्रेशन रद्द होने के बावजूद संबंधित संस्थाएं रिसर्च एनालिस्ट के तौर पर किए गए या नहीं किए गए किसी भी काम के लिए जिम्मेदार रहेंगी। SEBI की चीफ जनरल मैनेजर सोमा मजूमदार ने आदेश में संबंधित 12 रिसर्च एनालिस्ट के रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट रद्द करने का निर्देश जारी किया है।
