मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा दीवाली को 'खुशियों की ईद' बताए जाने से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। BJP नेताओं ने उनके शब्दों के चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष पर तंज कसा है। दिवाली की बधाई देते हुए खड़गे ने लोगों से शांति बनाए रखने, गलतफहमियां दूर करने और देश की रक्षा व एकता के लिए काम करने की अपील की थी।
हालांकि, उनके बयान 'दिवाली खुशियों की ईद है' ने BJP नेताओं का ध्यान खींचा, जिन्होंने सोशल मीडिया पर इसकी आलोचना की। BJP प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने लिखा- 'दीवाली के मौके पर भी कांग्रेस को तुष्टीकरण और वोट बैंक की ही पड़ी है! कल सोनिया गांधी बाबरी के लिए रोई थीं, और आज खड़गे जी अपने दीवाली संदेश में तुष्टीकरण कर रहे हैं!'
भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) के अध्यक्ष और वडोदरा के सांसद डॉ. हेमांग जोशी ने भी इस बयान पर प्रतिक्रिया दी और इसमें राहुल गांधी को भी घसीट लिया। जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर हिंदी में लिखा, 'खड़गे जी, आपने कहा कि दीवाली खुशियों की ईद है, तो क्या राहुल गांधी नए भारत के मीर जाफर हैं?'
'मीर जाफर' का जिक्र जो इतिहास में विश्वासघात के प्रतीक माने जाते हैं BJP की इस प्रतिक्रिया को और अधिक तीखा और राजनीतिक रंग देने वाला बना देता है।खड़गे ने शांति की अपील की, राहुल गांधी की बहस वाली चुनौती का भी जिक्र किया।अपने दिवाली संदेश में, खरगे ने इस त्योहार को एक बड़ा भारतीय उत्सव बताया, जो लोगों को करीब लाता है और परिवारों को अपने प्रियजनों से मिलने का मौका देता है।
'मैं सभी से अपील करता हूं कि देश में शांति बनाए रखें'
उन्होंने कहा, 'दीवाली भारत में सबके द्वारा मनाया जाने वाला एक प्रमुख त्योहार है। यह खुशियों का त्योहार है जो लोगों को एक साथ लाता है और उन्हें अपने अपनों से मिलने का अवसर देता है। दीवाली खुशियों की ईद है।' उन्होंने लोगों से, खासकर उन लोगों से जो किसी विवाद में उलझे हैं, अपने मतभेदों और गलतफहमियों को भुला देने की अपील भी की। खरगे ने कहा, 'मैं सभी से अपील करता हूं कि देश में शांति बनाए रखें, खासकर वे लोग जो आपस में लड़ रहे हैं, और अपनी गलतफहमियों को दूर करें। देश की रक्षा और उसे एकजुट रखने के लिए सभी को पूरे दिल से काम करना चाहिए।'
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मौके का इस्तेमाल PM पर निशाना साधने के लिए भी किया
कांग्रेस अध्यक्ष ने इस मौके का इस्तेमाल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधने के लिए भी किया। उन्होंने राहुल गांधी द्वारा बहस की चुनौती का जिक्र किया, जिसमें मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR), राष्ट्रीय पात्रता-सह-प्रवेश परीक्षा (NEET), बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दे शामिल हैं।
