Investment In Startups: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने बुधवार को स्टार्टअप में एंजल फंड के निवेश की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये करने का प्रस्ताव रखा। इस कदम से अत्याधुनिक टेक्नोलॉजी कंपनियों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने कहा कि न्यूनतम निवेश सीमा को वर्तमान 25 लाख रुपये से घटाकर 10 लाख रुपये और अधिकतम निवेश सीमा को मौजूदा 10 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 25 करोड़ रुपये किये जाने का प्रस्ताव है।
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और क्या हैं सेबी के मकसद
इसके अलावा सेबी ने केवल ‘मान्यता प्राप्त निवेशकों’ को एंजेल फंड में निवेश करने की अनुमति देने का प्रस्ताव किया है। इसका मकसद फंड जुटाने की उनकी प्रोसेस को तर्कसंगत बनाना, खुलासे के साथ-साथ हैंडलिंग सिस्टम की आवश्यकताओं को मजबूत करना और ऑपरेशनल क्लैरिटी और निवेश के स्तर पर मजबूती प्रदान करना है।
इन प्रस्तावों का मकसद एंजेल फंड को उन निवेशकों तक सीमित करना है जिनके पास जोखिम लेने और निवेश प्रस्तावों का वैल्यूएशन करने की क्षमता है। साथ ही इससे क्षेत्र में कारोबार सुगमता की स्थिति बेहतर होगी।
प्रस्तावों पर मांगे सुझाव
एंजेल फंड कैटेगरी I अल्टरनेटिव इंवेस्टमेंट फंड...वेंचर कैपिटल फंड्स... का एक प्रकार है। इसके तहत स्टार्टअप को एजेंल निवेशकों से पूंजी उपलब्ध करायी जाती है। सेबी के पास 31 मार्च, 2024 तक 82 एंजल फंड रजिस्टर्ड हैं। इनकी कुल प्रतिबद्धता 7,053 करोड़ रुपये और निवेश 3,343 करोड़ रुपये था।
सेबी ने कहा, ‘‘किसी भी स्टार्टअप में एंजेल फंड द्वारा निवेश न्यूनतम 10 लाख रुपये और अधिकतम 25 करोड़ रुपये होगा।’’ नियामक ने प्रस्ताव पर 28 नवंबर तक लोगों से सुझाव मांगे हैं। (इनपुट - भाषा)
