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SEBI का नया प्रस्ताव: KYC वेरिफिकेशन के बाद ही खुलेगा म्यूचुअल फंड खाता, जानें डिटेल

Mutual Funds New Rule: भारतीय बाजार नियामक SEBI ने म्यूचुअल फंड खाते खोलने और शुरुआती निवेश की प्रक्रिया को मानकीकृत करने का प्रस्ताव दिया है। अब खाते केवल KYC सत्यापन के बाद ही खोले जाएंगे। वर्तमान में कुछ मामलों में केवाईसी पूरी होने से पहले खाते खुल जाते हैं, जिससे निवेशकों और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) को दिक्कतें होती हैं।

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म्यूचुअल फंड खाता खोलने के लिए सेबी का नया नियम (तस्वीर-pti/istock)

Mutual Funds New Rule : भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) ने म्यूचुअल फंड खातों के खुलने और शुरुआती निवेश की प्रक्रिया को अधिक पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए एक अहम प्रस्ताव जारी किया है। नियामक ने सुझाव दिया है कि अब म्यूचुअल फंड खाता केवल तब ही खोला जा सकेगा जब निवेशक के “अपने ग्राहक को जानो” (KYC) दस्तावेज पूरी तरह से सत्यापित हो जाएं।

वर्तमान स्थिति और समस्या

फिलहाल म्यूचुअल फंड में निवेश करने के लिए केवाईसी प्रक्रिया अनिवार्य है, लेकिन व्यवहार में कई बार खाते KYC प्रक्रिया पूरी होने से पहले ही खोले जाते हैं। इस वजह से निवेशकों और परिसंपत्ति प्रबंधन कंपनियों (एएमसी) दोनों को परिचालन संबंधी मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। अधूरे या गलत केवाईसी डिटेल के कारण निवेशक न तो अपने खातों में लेनदेन कर पाते हैं और न ही लाभांश या रिडेम्प्शन की राशि प्राप्त कर पाते हैं। वहीं एएमसी को भी निवेशकों तक योजना से जुड़ी जरूरी जानकारी पहुंचाने और धनराशि जमा कराने में कठिनाई होती है।

SEBI का नया प्रस्ताव

न्यूज एजेंसी पीटीआई-भाषा सेबी ने अपने मसौदा प्रस्ताव में कहा है कि एएमसी को अब म्यूचुअल फंड खाता केवल तभी खोलने की अनुमति होगी, जब निवेशक के सभी केवाईसी दस्तावेज सत्यापित रूप में प्राप्त हो जाएं। इन दस्तावेजों को बाद में केवाईसी पंजीकरण एजेंसी (केआरए) को अंतिम सत्यापन के लिए भेजा जाएगा। केआरए द्वारा जब खाते को केवाईसी अनुपालन (KYC Compliant) का दर्जा दिया जाएगा, तभी उस खाते में निवेश की अनुमति दी जाएगी। इस प्रक्रिया से निवेशक की पहचान और धन शोधन निवारण मानकों का पालन सुनिश्चित होगा।

निवेशकों को हर चरण की जानकारी

सेबी ने यह भी प्रस्ताव रखा है कि निवेशकों को केवाईसी प्रक्रिया के प्रत्येक चरण की जानकारी उनके पंजीकृत ईमेल और मोबाइल नंबर पर भेजी जाएगी। इससे निवेशक हर कदम पर अपडेट रहेंगे और किसी भी गलती या देरी की स्थिति में तुरंत सुधार कर सकेंगे।

एएमसी और केआरए को तैयारी का निर्देश

नियामक ने एएमसी और केवाईसी पंजीकरण एजेंसियों को अपनी प्रणाली और प्रक्रियाओं को नए मानकों के अनुरूप ढालने के निर्देश दिए हैं। सेबी का कहना है कि इससे निवेशक संरक्षण मजबूत होगा और पारदर्शिता बढ़ेगी।

सार्वजनिक टिप्पणियां आमंत्रित

सेबी ने इस प्रस्ताव पर 14 नवंबर 2025 तक आम जनता, निवेशकों और उद्योग हितधारकों से टिप्पणियां मांगी हैं। इन सुझावों पर विचार करने के बाद सेबी अंतिम नियम जारी करेगी। यह कदम सेबी के उस सतत प्रयास का हिस्सा है, जिसके तहत वह म्यूचुअल फंड उद्योग में निवेशकों के हितों की रक्षा और वित्तीय प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ाने का काम कर रही है।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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