बिजनेस

Bond Market: सेबी का डेब्ट सिक्योरिटीज के पब्लिक इश्यू के लिए फास्ट-ट्रैक सिस्टम शुरू करने का प्लान, बॉन्ड मार्केट में आएगा बड़ा बदलाव

Bond Market: कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट में नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों की भागीदारी को और बढ़ाने के लिए सेबी ने बॉन्ड जारी करने वालों को 10,000 रुपये के फेस वैल्यू के साथ एनसीडी (नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर) या एनसीआरपीएस (नॉन-कंवर्टिबल रिडीमेबल प्रेफेरेंस शेयर) जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है।

Image

बॉन्ड मार्केट के लिए सेबी की तैयारी

Photo : iStock
KEY HIGHLIGHTS
  • बॉन्ड मार्केट में आएगा बड़ा बदलाव
  • सेबी कर रहा तैयारी
  • डेब्ट सिक्योरिटीज से जुड़ा है प्रस्ताव

Bond Market: बॉन्ड बाजार (Bond Market) का विस्तार करने के लिए मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) डेब्ट सिक्योरिटीज के लिए 'फास्ट ट्रैक' पब्लिक इश्यू के कंसेप्ट को शुरू करने पर विचार कर रहा है। वहीं सेबी की प्राइवेट प्लेसमेंट आधार पर जारी किए जाने वाले नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर (Non-Convertible Debentures) सहित डेब्ट सिक्योरिटीज के फेस वैल्यू को 10,000 रुपये तक कम करने का भी प्लान है, जिसकी लिमिट फिलहाल 1 लाख रु है। माना जा रहा है कि अगर ये सिस्टम लागू किया जाता है, तो इससे ईज-ऑफ-डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा। सेबी का मकसद डेब्ट सिक्योरिटीज के फास्ट ट्रैक पब्लिक इश्यू से लंबे ट्रैक रिकॉर्ड वाली उन कंपनियों को सुविधा प्रदान करना है, जो लगातार डेब्ट सिक्योरिटीज जारी करती हैं। इससे वे कम समय और कम लागत के साथ डेब्ट सिक्योरिटीज जारी कर सकेंगी।

नियुक्त करना होगा मर्चेंट बैंकर

कॉरपोरेट बॉन्ड मार्केट में नॉन-इंस्टिट्यूशनल निवेशकों की भागीदारी को और बढ़ाने के लिए सेबी ने बॉन्ड जारी करने वालों को 10,000 रुपये के फेस वैल्यू के साथ एनसीडी (नॉन-कंवर्टिबल डिबेंचर) या एनसीआरपीएस (नॉन-कंवर्टिबल रिडीमेबल प्रेफेरेंस शेयर) जारी करने की अनुमति देने का प्रस्ताव रखा है।

हालांकि ऐसे मामलों में, जारीकर्ता को एक मर्चेंट बैंकर नियुक्त करना होगा जो एनसीडी और एनसीआरपीएस को जारी करने और प्राइवेट प्लेसमेंट मेमोरेंडम में डिस्क्लोजर आवश्यकताओं के लिए जरूरी काम करेगा।

पहले फेस वैल्यू 10 लाख से घटाकर की गई 1 लाख

सेबी के अनुसार ऐसी डेब्ट सिक्योरिटीज एक सिंपल स्ट्रक्चर में होनी चाहिए। इससे पहले सेबी ने ऐसी डेब्ट सिक्योरिटीज की फेस वैल्यू 10 लाख रुपये से घटाकर 1 लाख रुपये की थी। बता दें कि इससे कंपनियों को फायदा मिलेगा, क्योंकि वे कम रेट के बॉन्ड सिक्योरिटीज जारी करके जल्दी पैसा जुटा सकेंगी।

अकसर कंपनियों को बिजनेस ऑपरेशंस के लिए पैसा चाहिए होता है, जो वे शेयर या डेब्ट सिक्योरिटीज के जरिए ही जुटाती हैं।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

और पढ़ें
End of Article