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SEBI New Rule: निवेशकों के डीमैट खाते में डायरेक्ट ट्रांसफर होंगे शेयर, SEBI का नया नियम, जानें क्या बदलेगा

SEBI New Rule: क्लियरिंग कॉर्पोरेशन को मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा के तहत बिना भुगतान वाली सिक्योरिटीज और फंडेड शेयरों की पहचान करने के लिए कारोबारी सदस्य या क्लियरिंग मेंबर्स (सीएम) के लिए एक व्यवस्था प्रदान करनी होगी।

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SEBI New Rule

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • सेबी का नया नियम
  • 14 अक्टूबर से होगा लागू
  • डायरेक्ट डीमैट खाते में आएंगे शेयर

SEBI New Rule: मार्केट रेगुलेटर सेबी (SEBI) ने क्लियरिंग कॉर्पोरेशन से सीधे निवेशके डीमैट खाते में शेयर ट्रांसफर करने को अनिवार्य कर दिया है। इस कदम का मकसद ग्राहकों के शेयरों की सेफ्टी बढ़ाना है। ऑपरेटिंग एफिशिएंसी बढ़ाने और ग्राहकों की सिक्योरिटीज के जोखिम को कम करने के लिए यह कदम उठाया गया है। सेबी ने एक सर्कुलर में कहा है कि यह नया नियम 14 अक्टूबर से प्रभावी होगा।

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अभी क्या है नियम

वर्तमान में क्लियरिंग कॉर्पोरेशन सिक्योरिटीज के भुगतान को ब्रोकर के खाते में जमा करता है। उसके बाद इसे संबंधित ग्राहक के डीमैट खातों में जमा किया जाता है। सेबी ने शेयर बाजारों, क्लियरिंग कॉर्पोरेशन और डिपॉजिटरी के साथ व्यापक विचार-विमर्श के बाद ये फैसला किया है। भुगतान के लिए सिक्योरिटीज क्लियरिंग कॉर्पोरेशन सीधे संबंधित ग्राहक के डीमैट खाते में जमा करेगा।

क्लियरिंग मेंबर्स को मिलेगी नई सुविधा

इसके अलावा, क्लियरिंग कॉर्पोरेशन को मार्जिन ट्रेडिंग सुविधा के तहत बिना भुगतान वाली सिक्योरिटीज और फंडेड शेयरों की पहचान करने के लिए कारोबारी सदस्य या क्लियरिंग मेंबर्स (सीएम) के लिए एक व्यवस्था प्रदान करनी होगी।

क्या लगेगा ग्राहकों पर शुल्क

सेबी ने सुझाव दिया है कि ‘पोजिशन’ के स्तर पर अगर कोई कमी रहती है तो कारोबारी सदस्य या क्लियरिंग मेंबर्स को नीलामी की प्रोसेस के माध्यम से इसका सेटलमेंट करना चाहिए। इसके अलावा, ऐसे मामलों में ब्रोकर को क्लियरिंग कॉर्पोरेशन की तरफ से लगाए गए शुल्क के अलावा ग्राहक पर कोई शुल्क नहीं लगाना चाहिए।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की ब... और देखें

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