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SEBI: सेबी ने REIT-InvIT के नियमों में किया बदलाव, यूनिट आधारित कर्मचारी लाभ योजना का फ्रेमवर्क जारी किया

SEBI,REIT And InvIT: कर्मचारी यूनिट विकल्प योजना के तहत निवेश प्रबंधक कर्मचारी लाभ ट्रस्ट के माध्यम से अपने कर्मचारियों को यूनिट विकल्प प्रदान करेगा ।योजना का क्रियान्वयन एक अलग कर्मचारी लाभ ट्रस्ट (ईबी ट्रस्ट) के माध्यम से किया जाएगा।

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सेबी

SEBI,REIT And InvIT:भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (SEBI) निवेश ट्रस्ट... रीट (REIT) और इनविट (InvIT) के लिए यूनिट आधारित कर्मचारी लाभ योजना का फ्रेमवर्क जारी किया है। सेबी ने ट्रस्ट के माध्यम से योजना को लागू करने के तरीकों को पेश किया है। इसमें कर्मचारी लाभ ट्रस्ट द्वारा यूनिट प्राप्त करने का तरीका और रीट (रियल एस्टेट इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) और इनविट (इन्फ्रास्ट्रक्चर इन्वेस्टमेंट ट्रस्ट) की तरफ से कर्मचारी लाभ ट्रस्ट को यूनिट के आवंटन का तरीका निर्धारित किया गया है।सेबी ने दो अलग-अलग अधिसूचनाओं में कहा है कि ‘यूनिट-आधारित कर्मचारी लाभ योजना’ कर्मचारी यूनिट विकल्प योजना की तरह होगी।

कैसे काम करेगी योजना

कर्मचारी यूनिट विकल्प योजना के तहत निवेश प्रबंधक कर्मचारी लाभ ट्रस्ट के माध्यम से अपने कर्मचारियों को यूनिट विकल्प प्रदान करेगा ।

योजना का क्रियान्वयन एक अलग कर्मचारी लाभ ट्रस्ट (ईबी ट्रस्ट) के माध्यम से किया जाएगा। इसे रीट प्रबंधक या इनविट निवेश प्रबंधक तैयार कर सकता है। ईबी ट्रस्ट के पास उपलब्ध यूनिट का उपयोग केवल यूनिट-आधारित कर्मचारी लाभ प्रदान करने के सीमित उद्देश्य के लिए किया जाएगा।

सेबी के अनुसार, यूनिट-आधारित कर्मचारी लाभ प्रदान करने को लेकर निवेश प्रबंधक या प्रबंधक, प्रबंधन शुल्क के बदले में इनविट/रीट के यूनिट प्राप्त कर सकते हैं।ईबी ट्रस्ट प्रबंधक या निवेश प्रबंधक के कर्मचारियों को यूनिट-आधारित लाभ प्रदान करने के अलावा अपने पास रखे रीट/इनविट के यूनिट का कोई हस्तांतरण या बिक्री नहीं करेगा।ईबी ट्रस्ट का न्यासी उसके पास उपलब्ध रीट/इनविट की यूनिट के कारण वोट देने के पात्र नहीं होंगे।सेबी ने इसे अमल में लाने के लिए रीट और इनविट नियमों में संशोधन किया है।

क्या है रीट इनविट निवेश

भारतीय बाजार में रीट और इनविट निवेश का नया मॉडल है। अच्छे रिटर्न और पूंजी में तेज बढ़ोतरी की वजह से यह वैश्विक बाजार में काफी लोकप्रिय है।रीट में कमर्शियल अचल संपत्ति को, जबकि इनविट में राजमार्ग जैसी इंफ्रास्ट्रक्चर को शामिल किया जाता है। नए नियम 12 जुलाई से लागू हो गए हैं।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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