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Hindeburg: हिंडनबर्ग रिसर्च को SEBI से मिला कारण बताओ नोटिस, अडानी ग्रुप पर लगा चुका है गंभीर आरोप

  • Edited by: Rohit Ojha
  • Updated Jul 2, 2024, 08:56 AM IST

Hindeburg-SEBI:अमेरिकी वित्तीय शोध कंपनी ‘हिंडनबर्ग रिसर्च’ को सेबी से कारण बताओ नोटिस मिला। कंपनी ने इसे ‘‘बेतुका, पूर्व-निर्धारित उद्देश्य की पूर्ति के लिए गढ़ा गया’’ बताया। पिछले साल, हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि अडानी ग्रुप 'स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी में शामिल रहा है'।

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Hindeburg adani

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी का लगया था आरोप।
  • कंपनी ने 2 जुलाई को एक ब्लॉग पोस्ट में यह जानकारी दी है।
  • हिंडनबर्ग ने 106 पेज की रिपोर्ट प्रकाशित की थी।

Hindeburg-Adani: अमेरिकी शॉर्ट-सेलर फर्म हिंडनबर्ग रिसर्च को उसकी अडानी ग्रुप पर रिपोर्ट के संबंध में बाजार नियामक सेबी से कारण बताओ नोटिस मिला है। कंपनी ने 2 जुलाई को एक ब्लॉग पोस्ट में यह जानकारी दी है। हिंडनबर्ग ने कहा कि 46 पन्नों का कारण बताओ नोटिस 27 जून को दिया गया। ब्लॉग पोस्ट में कहा गया है कि रिसर्च फर्म अडानी के शेयरों में शॉर्ट थी 'एक निवेशक भागीदार के साथ एक सौदे के माध्यम से जो अप्रत्यक्ष रूप से एक गैर-भारतीय, ऑफशोर फंड स्ट्रक्चर के जरिए अडानी डेरिवेटिव्स में शॉर्ट था।

नोटिस को हिंडनबर्ग ने बताया बेतुका

कंपनी ने इसे ‘‘बेतुका, पूर्व-निर्धारित उद्देश्य की पूर्ति के लिए गढ़ा गया’’ बताया। पिछले साल, हिंडनबर्ग रिसर्च ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें आरोप लगाया गया था कि अडानी ग्रुप 'स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी में शामिल रहा है'। इन आरोपों के बाद अडानी के शेयरों में 150 बिलियन डॉलर की भारी गिरावट आई थी।

स्टॉक हेरफेर का था आरोप

बता दें कि पिछले साल हिंडनबर्ग रिसर्च ने 106 पेज और 32,000 शब्दों की एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी। इसमें अडानी समूह पर दशकों से खुलेआम स्टॉक हेरफेर और अकाउंटिंग धोखाधड़ी की योजना में शामिल होने का आरोप लगाया गया था। हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद अडानी समूह का 150 बिलियन डॉलर का मार्केट कैपिटलाइजेशन साफ हो गया था।

अडानी समूह को लगा था झटका

गौतम अडानी, जिनकी संपत्ति सितंबर 2022 में कुछ समय के लिए 150 बिलियन डॉलर थी, हिंडनबर्ग रिपोर्ट के बाद टॉप 20 अरबपतियों की सूची से बाहर हो गए थे। दरअसल, 27 फरवरी, 2023 को अडानी की निजी संपत्ति 37.7 बिलियन डॉलर के निचले स्तर पर आ गई। बाद में आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की गई।

सुप्रीम कोर्ट ने हिंडनबर्ग रिपोर्ट की OCCPR रिपोर्ट और तीसरे पक्ष के संगठन पर भारी निर्भरता को खारिज करते हुए कहा कि बिना किसी वेरिफिकेशन के ऐसी रिपोर्ट पर सबूत के तौर पर भरोसा नहीं किया जा सकता। मई में अडानी समूह ने संयुक्त बाजार पूंजीकरण के मामले में हिंडनबर्ग की रिपोर्ट के बाद आई गिरावट की भरपाई कर ली।

Rohit Ojha
Rohit Ojhaauthor

<p>रोहित ओझा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉरस्पॉडेंट सितंबर 2023 से काम कर रहे हैं। यहां पर वो बिजेनस और यूटिलिटी की खबरों पर काम करते हैं। मीडिया इंडस्ट्री में पांच साल से अधिक का अनुभव। चुनावी खबरों से शुरू हुआ पत्रकारिता का सफर फिलहाल स्टॉक मार्केट, इकोनॉमी और पर्सनल फाइनेंस की खबरों के साथ जारी है। डेस्क और फील्ड दोनों में ही काम करने का तजुर्बा। टाइम्स नाऊ नवभारत से पहले अलग-अलग मीडिया संस्थानों में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। अमर उजाला, टीवी9 हिंदी, इंडिया टीवी, आज तक जैसे मीडिया संस्थान में अलग-अलग बीट पर काम कर चुके हैं। स्टॉक मार्केट और इकोनॉमी के साथ-साथ देश की सियासी घटनाओं पर लिखने का अनुभव है। 2019 के आम चुनाव से लेकर तमाम विधानसभा की चुनावी खबरों पर काम किया है। 2019 का क्रिकेट वर्ल्ड कप और आईपीएल की खबरों पर भी काम किया है। किस्से-कहानियों में मन लगता है। शारदा यूनिवर्सिटी से मास-कम्युनिकेशन और जर्नलिज्म किया है। गृह जनपद- बक्सर। साहित्य, सियासत और सिनेमा पर लिखना-पढ़ना खूब पसंद है।</p>

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