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SEBI Nominee Rule:अब नॉमिनी न होने पर भी चलता रहेगा डीमैट और MF खाता, सेबी ने 30 जून की डेडलाइन खत्म की

SEBI Nominee Rule For MF And Demat: इससे पहले सेबी ने सभी मौजूदा व्यक्तिगत म्यूचुअल फंड धारकों के लिए नामित व्यक्ति (नॉमिनी) का विवरण देने या नामांकन से बाहर निकलने के लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी। नियम का पालन न करने पर उनके खातों से निकासी पर रोक लगाई जा सकती थी।

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सेबी ने नॉमिनी नियम आसान किए

Photo : PTI

SEBI Nominee Rule For MF And Demat:बाजार नियामक सेबी (SEBI) ने मौजूदा निवेशकों के लिए नियमों को आसान बनाते हुए ‘नामांकन का विकल्प’ न देने की स्थिति में डीमैट और म्यूचुअल फंड खातों पर रोक लगाने (फ्रीज करने) का नियम सोमवार को खत्म कर दिया।इसके अलावा भौतिक रूप में प्रतिभूतियां रखने वाले निवेशक अब लाभांश, ब्याज या प्रतिभूतियों को भुनाने जैसे किसी भी भुगतान को पाने के लिए पात्र होंगे। इसके साथ ही निवेशक ‘नामांकन का विकल्प’ न चुनने पर भी शिकायत दर्ज करने या आरटीए (निर्गम के रजिस्ट्रार और शेयर हस्तांतरण एजेंट) से किसी भी सेवा का अनुरोध पाने के हकदार होंगे।

पहले 30 जून थी डेडलाइन

इससे पहले भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने सभी मौजूदा व्यक्तिगत म्यूचुअल फंड धारकों के लिए नामित व्यक्ति (नॉमिनी) का विवरण देने या नामांकन से बाहर निकलने के लिए 30 जून की समयसीमा तय की थी। नियम का पालन न करने पर उनके खातों से निकासी पर रोक लगाई जा सकती थी।हालांकि, सेबी ने सोमवार को जारी परिपत्र में कहा कि अनुपालन में सुगमता और निवेशकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए मौजूदा निवेशकों या यूनिटधारकों के लिए ‘नामांकन का विकल्प’ न देने पर डीमैट खातों के साथ म्यूचुअल फंड खाते पर रोक नहीं लगाने का फैसला किया गया है।बाजार नियामक ने कहा कि सूचीबद्ध कंपनियों या आरटीए द्वारा ‘नामांकन का विकल्प’ न देने की वजह से फिलहाल रोके जा चुके भुगतान को भी अब निपटाया जा सकेगा।

नए निवेशकों के लिए क्या

इसके साथ ही सेबी ने यह साफ किया कि सभी नए निवेशकों और म्यूचुअल फंड यूनिटधारकों को डीमैट खातों/ म्यूचुअल फंड फोलियो के लिए अनिवार्य रूप से ‘नामांकन का विकल्प’ देने की व्यवस्था जारी रहेगी।नियामक ने डिपॉजिटरी प्रतिभागियों, एएमसी या आरटीए से कहा है कि वे डीमैट खाताधारकों या म्यूचुअल फंड यूनिटधारकों को ईमेल और एसएमएस के जरिये पाक्षिक आधार पर संदेश भेजकर ‘नामांकन का विकल्प’ इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित करें।विवरण को इस्तेमाल करने के लिए नामित व्यक्ति का नाम, नामित व्यक्ति की हिस्सेदारी और आवेदक के साथ संबंध के बारे में बताना होगा।सेबी ने डीमैट खाते और एमएफ फोलियो में नामांकन का विकल्प देने और नामांकन से बाहर निकलने के लिए एक प्रारूप भी जारी किया है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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