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Corporate Bond: रिटेल निवेशकों के लिए कॉरपोरेट बांड में निवेश हुआ आसान,अंकित मूल्य हुआ 10 हजार

Corporate Bond,SEBI: सेबी ने एक सर्कुलर में कहा है कि बॉन्ड जारीकर्ता 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर निजी आवंटन के आधार पर ऋण प्रतिभूति या गैर-परिवर्तनीय भुगतान शेयर जारी कर सकता है। इसके पहले सेबी ने अक्टूबर 2022 में ऐसा ही कदम उठाते हुए अंकित मूल्य 10 लाख रुपये से घटाकर एक लाख रुपये कर दिया था।

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कॉरपोरेट बांड में निवेश होगा आसान

Photo : PTI

Corporate Bond,SEBI:बाजार नियामक सेबी ने कंपनियों की तरफ से जारी होने वाली ऋण प्रतिभूति यानी कॉरपोरेट बॉन्ड के प्रति रिटेल निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अहम फैसला उठाया है। इसके तहत बॉन्ड का अंकित मूल्य एक लाख रुपये से घटाकर 10,000 रुपये कर दिया गया है।बाजार प्रतिभागियों का मानना है कि बॉन्ड का मूल्य कम करने से अधिक गैर-संस्थागत निवेशकों को कॉरपोरेट बॉन्ड बाजार में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकेगा। इससे नकदी बढ़ाने में भी मदद मिलेगी। इसके पहले सेबी ने अक्टूबर 2022 में ऐसा ही कदम उठाते हुए 10 लाख रुपये से घटाकर एक लाख रुपये कर दिया था।

इन शर्तों का पालन जरूरी

सेबी ने एक सर्कुलर में कहा है कि बॉन्ड जारीकर्ता 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर निजी आवंटन के आधार पर ऋण प्रतिभूति या गैर-परिवर्तनीय भुगतान शेयर जारी कर सकता है। हालांकि यह व्यवस्था कुछ शर्तों के अधीन होगी। मसलन, जारीकर्ता को कम-से-कम एक मर्चेंट बैंकर नियुक्त करना चाहिए और गैर-परिवर्तनीय डिबेंचर एवं गैर-परिवर्तनीय भुगतान-योग्य वरीय शेयर एकदम बुनियादी, ब्याज या लाभांश-असर वाले साधन होने चाहिए।

2022 में घटा था अंकित मूल्य

बाजार नियामक ने सामान्य सूचना दस्तावेज (जीआईडी) के संबंध में कहा कि जारीकर्ता 10,000 रुपये के अंकित मूल्य पर किस्त आवंटन ज्ञापन या प्रमुख सूचना दस्तावेज के जरिये धन जुटा सकता है, बशर्ते इसकी जांच-पड़ताल के लिए कम-से-कम एक मर्चेंट बैंकर नियुक्त किया गया हो।सेबी ने अक्टूबर, 2022 में कॉरपोरेट बॉन्ड का अंकित मूल्य 10 लाख रुपये से घटाकर एक लाख रुपये कर दिया था। लेकिन खुदरा निवेशकों को आकर्षित करने के लिए अब इसे और भी घटाकर 10 हजार रुपये किया जा रहा है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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