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JSW Steel को सुप्रीम कोर्ट से झटका! भूषण पावर डील हुई रद्द, जानें क्या है पूरा मामला

SC rejects JSW Steel's Bhushan Power and Steel resolution plan: सुप्रीम कोर्ट ने JSW Steel की भूषण पावर एंड स्टील के लिए दी गई रेजोल्यूशन प्लान को अवैध ठहराते हुए खारिज कर दिया है। कोर्ट ने कंपनी के इरादों को "मलाफाइड और डिसऑनिस्ट" बताया और लिक्विडेशन का आदेश दे दिया है, जिससे JSW Steel को बड़ा झटका लगा है।

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JSW स्टील की भूषण पावर एंड स्टील रिजॉल्यूशन योजना खारिज।

Photo : Times Now Digital
KEY HIGHLIGHTS
  • सुप्रीम कोर्ट ने JSW की योजना को IBC नियमों का उल्लंघन बताया।
  • भूषण पावर का अब लिक्विडेशन होगा, NCLT की मंजूरी रद्द।
  • JSW के शेयरों में 5.76% की गिरावट देखी गई।

SC rejects JSW Steel's Bhushan Power and Steel resolution plan: सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को JSW स्टील को बड़ा झटका देते हुए भूषण पावर एंड स्टील (BPSL) के लिए उसकी रिज़ॉल्यूशन योजना को अवैध करार देते हुए खारिज कर दिया है और कंपनी के लिक्विडेशन (विलय) का आदेश दिया है। शीर्ष अदालत ने कहा कि JSW स्टील ने प्रवर्तन निदेशालय (ED) की लंबित कार्यवाही का अनुचित लाभ उठाया और दो वर्षों तक योजना लागू न कर दिवालिया प्रक्रिया (IBC) की मूल भावना को विफल किया।

न्यायमूर्ति बेला त्रिवेदी की अध्यक्षता वाली पीठ ने कहा कि JSW स्टील, ऋणदाताओं की समिति (CoC), और रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल ने IBC 2016 के नियमों का गंभीर उल्लंघन किया और कई जरूरी मुद्दों को नजरअंदाज किया। अदालत ने इसे “बेईमान और दुर्भावनापूर्ण मंशा” बताते हुए कहा कि JSW स्टील ने जानबूझकर गलत जानकारी देकर अदालत को गुमराह किया।

कोर्ट की मुख्य बातें

  • JSW स्टील ने IBC की अनिवार्य शर्तों का उल्लंघन किया।
  • रिज़ॉल्यूशन प्रोफेशनल अपने वैधानिक कर्तव्यों का पालन करने में विफल रहे।
  • ऋणदाताओं की समिति (CoC) ने व्यावसायिक विवेक का सही उपयोग नहीं किया।

JSW स्टील ने अपनी योजना के तहत वित्तीय ऋणदाताओं को ₹19,350 करोड़ और ऑपरेशनल क्रेडिटर्स को ₹350 करोड़ देने का प्रस्ताव दिया था। लेकिन सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शुक्रवार को JSW स्टील के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई और यह ₹970.50 पर आ गया, जो 5.76% की गिरावट को दर्शाता है।

क्या हुआ था

2019 में NCLT ने JSW स्टील की योजना को मंजूरी दी थी जिसे 2020 में NCLAT ने भी सही ठहराया। साथ ही, सुप्रीम कोर्ट ने 2024 में ED को BPSL की ₹4,025 करोड़ की संपत्तियां JSW को सौंपने का निर्देश दिया था। लेकिन अब, शीर्ष अदालत ने पूरी योजना को रद्द कर दिया है और कंपनी के परिसमापन (liquidation) की प्रक्रिया शुरू करने का आदेश दिया है।

Ashish Kushwaha
आशीष कुशवाहाauthor

<p>आशीष कुमार कुशवाहा Timesnowhindi.com में बतौर सीनियर कॉपी एडिटर काम कर रहे हैं। वह 2023 से Timesnowhindi.com के साथ जुड़े हैं। वह यहां शेयर बाजार, स्टॉक्स, IPO, पर्सनल फाइनेंस, बिजनेस न्यूज, कंपनी डेवलपमेंट, सक्सेस स्टोरी, यूटिलिटी, ऑटोमोबाइल, टेक्नोलॉजी और गैजेट से जुड़ी स्टोरी पर काम करते हैं। उनके पास पिछले 3 साल के भारतीय बजट को भी कवर करने का एक्सपीरियंस है। उनके पास ऑटो एक्सपो 2023 को कवर करने का अनुभव है। इसके अलावा ग्राउंड की स्टोरी और रिसर्च बेस्ड स्टोरी करने में विशेष रुचि रखते हैं। उनके पास डिजिटल मीडिया में कुल 3 साल से ज्यादा का एक्सपीरियंस है। इससे पहले इन्होंने वन इंडिया, दैनिक भास्कर डिजिटल में काम किया है। इन्होंने माखनलाल चतुर्वेदी राष्ट्रीय पत्रकारिता एवं संचार विश्वविद्यालय, भोपाल से मीडिया में पोस्ट ग्रेजुएशन की पढ़ाई की है। वहीं ग्रेजुएशन की पढ़ाई रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय जबलपुर से मास कम्यूनिकेशन में की है। उन्हें शुरू से ही डिबेट करने, सामाजिक मुद्दों पर बात करने और शेयर बाजार में रुचि थी। उन्हें बचपन से ही अखबार के संपादकीय पेज और न्यूज पढ़ने का सौख था। स्कूल के समय उन्होंने कई क्विज कंपटीशन में भी हिस्सा लिया और प्राइज जीते हैं।</p>

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