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पेंशन लेने वालों सावधान! SBI ने जारी किया ये अलर्ट, खाली हो सकता है आपका खाता

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक SBI ने पेंशनर्स और रिटायर कर्मचारियों को पेंशन से जुड़ी बढ़ती साइबर ठगी को लेकर एक अहम चेतावनी जारी की है। बैंक ने बताया है कि ठग PPO वेरिफिकेशन या पेंशन प्रोसेसिंग का बहाना बनाकर लोगों का मोबाइल नंबर बदलवा लेते हैं और फिर कुछ ही मिनटों में उनका पूरा बैंक अकाउंट खाली कर देते हैं। ऐसी घटनाओं के बढ़ते मामलों को देखते हुए SBI ने सभी पेंशनर्स से सावधानी बरतने की अपील की है।

SBI Fraud alert

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) ने देशभर के पेंशनर्स और रिटायर कर्मचारियों को एक गंभीर चेतावनी जारी की है। बैंक के अनुसार, साइबर अपराधी अब पेंशन प्रोसेसिंग, PPO वेरिफिकेशन या पेंशन पेमेंट में देरी के नाम पर लोगों को ठग रहे हैं और उनके बैंक अकाउंट साफ कर रहे हैं। SBI ने बताया कि ठग सबसे पहले पेंशनर्स का मोबाइल नंबर बदलवा लेते हैं और फिर कुछ ही मिनटों में खाते की पूरी रकम निकाल लेते हैं।

सोशल मीडिया पर SBI की चेतावनी

SBI ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल पर एक वीडियो साझा करके लोगों को आगाह किया है। बैंक ने बताया कि ठग खुद को ट्रेजरी विभाग का अधिकारी या बैंक कर्मचारी बताकर पेंशनर्स को फोन करते हैं। वे कहते हैं कि आपकी पेंशन रुकी हुई है या PPO चेक में देरी हो रही है और इसे जल्दी जारी करने के लिए वेरिफिकेशन जरूरी है। कई लोग इस जाल में फंस जाते हैं और अपनी मेहनत की कमाई खो बैठते हैं।

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कैसे होता है घोटाला?

SBI ने बताया है कि ठग किस तरह पेंशनर्स को धोखा देते हैं। सबसे पहले वे पेंशनर को फोन करके खुद को बैंक या ट्रेजरी अधिकारी बताते हैं और PPO अपडेट या वेरिफिकेशन का बहाना बनाते हैं। इसके बाद वे एक फर्जी लिंक भेजते हैं और कहते हैं कि इस लिंक पर क्लिक करके PPO चेक कर लें, जबकि असल में वह लिंक पेंशनर के नाम से “मोबाइल नंबर चेंज रिक्वेस्ट” जनरेट करता है। इसके बाद ठग पीड़ित को SBI के किसी ATM पर जाकर IRATA रेफरेंस नंबर डालने के लिए कहते हैं और इसे PPO वेरिफिकेशन बताते हैं। जैसे ही पेंशनर ATM पर यह प्रक्रिया करता है, उसके बैंक खाते से जुड़ा मोबाइल नंबर ठग के पास ट्रांसफर हो जाता है। इसके बाद सारे OTP, SMS अलर्ट और बैलेंस अपडेट सीधे ठग के फोन पर आने लगते हैं, जिससे उन्हें खाते में मौजूद पूरी रकम पर कंट्रोल मिल जाता है। फिर अपराधी UPI, नेटबैंकिंग या अन्य डिजिटल तरीकों से कुछ ही मिनटों में पेंशनर की जीवनभर की जमा पूंजी साफ कर देते हैं।

SBI ने दिया यह जरूरी अलर्ट

बैंक ने पेंशनर्स और वरिष्ठ नागरिकों को सावधान रहने के लिए कुछ जरूरी निर्देश दिए हैं। उन्होंने साफ कहा है कि किसी भी कॉल, SMS, ईमेल या लिंक पर OTP, PIN, CVV या बैंक से जुड़ी किसी भी निजी जानकारी को कभी साझा न करें। अगर कोई व्यक्ति खुद को बैंक या ट्रेजरी अधिकारी बताकर फोन करे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं, क्योंकि SBI के असली कॉल सिर्फ +91-1600 सीरीज के नंबर से ही आते हैं। इसके अलावा, यदि आपके मोबाइल पर “Mobile Number Change Request” का संदेश आए और आपने ऐसी कोई रिक्वेस्ट न की हो, तो बिना देर किए 1930 पर साइबर क्राइम में शिकायत करें। बैंक ने यह भी सलाह दी है कि अपने अकाउंट से जुड़े हर SMS और ईमेल अलर्ट को ध्यान से पढ़ें और किसी भी तरह का संदेह होने पर तुरंत अपनी नज़दीकी SBI शाखा या बैंक की आधिकारिक हेल्पलाइन से संपर्क करें।

पेंशनर्स पर बढ़ रहे साइबर हमले

पिछले कुछ महीनों में देश के कई हिस्सों से रिटायर लोगों के साथ इस तरह की ठगी के कई मामले सामने आए हैं। खासकर रेलवे, डिफेंस और सरकारी विभागों के बुजुर्ग पेंशनर्स को सबसे ज्यादा निशाना बनाया जा रहा है। चूंकि वे तकनीकी मामलों में कम जानकारी रखते हैं, इसलिए वे आसानी से धोखे में आ जाते हैं।

SBI की अपील

SBI ने पेंशनर्स और उनके परिवारों से अनुरोध किया है कि इस चेतावनी को अपने रिश्तेदारों, दोस्तों और खासकर वरिष्ठ नागरिकों के WhatsApp ग्रुप में शेयर करें। बैंक का कहना है कि जागरूकता ही साइबर ठगी रोकने का सबसे बड़ा हथियार है। पेंशन से जुड़ी किसी भी प्रक्रिया या समस्या के लिए हमेशा अपनी होम ब्रांच या SBI की आधिकारिक हेल्पलाइन से ही जानकारी लें।

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रिचा त्रिपाठी
रिचा त्रिपाठी Author

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिच... और देखें

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