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5 लाख की FD पर SBI 2 और 3 साल बाद कितने रुपये देगा? एक साल और रुकने पर कितना बढ़ेगा पैसा

क्या आप जानते हैं FD को लेकर महज 1 साल का अंतर आपका कितना पैसा बढ़ा सकता है? इस आर्टिकल में आपको उदाहरण के जरिए ही पूरी कैलकुलेशन समझा रहे हैं।

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SBI FD Returns (Photo: iStock)

SBI FD Returns on RS 5 Lakh: अगर आप फिक्स्ड डिपॉजिट यानी FD में निवेश करने की योजना बना रहे हैं तो ये जानकारी आपके काम की हो सकती है। क्या आप जानते हैं एफडी में निवेश की अवधि आपके रिटर्न पर बड़ा असर डाल सकती है। कई लोग यह सोचते हैं कि सिर्फ कुछ महीनों या एक साल का अंतर ज्यादा फर्क नहीं डालता, लेकिन SBI की मौजूदा ब्याज दरों को देखें तो अतिरिक्त एक साल रुकने पर निवेशकों को अच्छा फायदा मिल सकता है।

SBI FD Returns on RS 5 Lakh

SBI FD Returns (Photo: iStock)

FD पर कितनी है ब्याज दर

भारत के सबसे बड़े पब्लिक सेक्टर बैंक एसबीआई (State Bank of India) की बात करें तो बैंक फिलहाल 2 साल से अधिक अवधि (2 साल 1 दिन) की FD पर सामान्य नागरिकों को 6.40 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों को 6.90 प्रतिशत ब्याज दे रहा है। वहीं, 3 साल से अधिक अवधि (3 साल 1 दिन) की FD पर सामान्य नागरिकों के लिए 6.30 प्रतिशत और वरिष्ठ नागरिकों के लिए 6.80 प्रतिशत ब्याज दर तय की गई है।

1 साल के अंतर से कितना बढ़ेगा पैसा

यहां ध्यान देने वाली बात ये है कि 3 साल वाली FD की ब्याज दर 2 साल वाली FD से थोड़ी कम है, लेकिन बावजूद इसके एक अतिरिक्त साल की वजह से निवेशकों को कुल मैच्योरिटी राशि ज्यादा मिलती है। यही कंपाउंडिंग का असर माना जाता है, जहां लंबे समय तक निवेश रहने पर ब्याज पर भी ब्याज मिलने लगता है।

सामान्य नागरिक

उदाहरण से समझें तो अगर कोई सामान्य नागरिक 2 साल की FD करवाता है तो मैच्योरिटी पर उसे 5,67,701 रुपये मिलेंगे। वहीं, अगर वही व्यक्ति एक साल और इंतजार कर 3 साल की FD चुनता है तो उसे 6,03,131 रुपये मिलेंगे। यानी एक अतिरिक्त साल रुकने पर करीब 35,430 रुपये ज्यादा मिल सकते हैं।

वरिष्ठ नागरिक

वरिष्ठ नागरिकों के मामले में भी फायदा साफ दिखाई देता है। 2 साल की FD पर उन्हें 5,73,313 रुपये मिलेंगे, जबकि 3 साल की FD पर मैच्योरिटी राशि बढ़कर 6,12,099 रुपये हो जाएगी। यानी एक अतिरिक्त साल के निवेश पर वरिष्ठ नागरिकों को लगभग 38,786 रुपये का अतिरिक्त फायदा हो सकता है।

कैसे चुनें सही FD अवधि

जानकारों की मानें तो FD में निवेश करते समय केवल ब्याज दर देखना ही काफी नहीं होता, बल्कि निवेश की अवधि भी उतनी ही महत्वपूर्ण होती है। कई बार थोड़ी कम ब्याज दर होने के बावजूद लंबी अवधि में कुल रिटर्न ज्यादा हो जाता है। हालांकि निवेशकों को अपनी जरूरतों को ध्यान में रखकर ही FD अवधि चुननी चाहिए। अगर निकट भविष्य में पैसों की जरूरत पड़ सकती है, तो लंबी अवधि की FD उपयुक्त नहीं मानी जाती। लेकिन जिन लोगों का लक्ष्य सुरक्षित और स्थिर रिटर्न पाना है, उनके लिए लंबी अवधि का निवेश बेहतर साबित हो सकता है।

Shivani Kotnala
शिवानी कोटनालाauthor

शिवानी कोटनाला टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में सीनियर कॉपी एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। पत्रकारिता के करियर में 3 साल से ज्यादा के अनुभव के साथ शिवानी ने बिजनेस और टेक से जुड़ी खबरों पर काम किया है। यूटीलिटी, शेयर बाजार, पर्सनल फाइनेंस, बैंकिंग से जुड़ी खबरों पर वह लगातार लिख रही हैं। शिवानी ने डिजिटल के साथ-साथ न्यूज एजेंसी में भी काम किया है।

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