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ATM से कैश निकालना हुआ महंगा! SBI ग्राहकों से वसूले जाएंगे ₹23 + GST

अगर आप SBI के ग्राहक हैं और अक्सर ATM से पैसे निकालते हैं, तो यह खबर आपके लिए जरूरी है। अब फ्री लिमिट खत्म होते ही ATM से कैश निकालना महंगा पड़ेगा, क्योंकि हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर बैंक ₹23 के साथ GST भी वसूलेगा। आइए आपको बैंक की फीस के नए नियम बताते हैं.

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ATM

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने अपने ATM से पैसे निकालने के नियम और शुल्क में हाल ही में बड़ा बदलाव किया है, जो कई ग्राहकों के लिए चिंता का विषय बन गया है। अब अगर आप महीने में फ्री ATM लेनदेन की लिमिट पार करते हैं तो आपको हर बार ₹23 + GST देना होगा, जो पहले कम था और कई लोगों के लिए अजीब लग सकता है। यह बदलाव दिसंबर 1, 2025 से लागू हो चुका है और बैंक ने इसे इंटरचेंज फीस बढ़ने का परिणाम बताया है, यानी ATM सेवाओं पर बैंक को जो खर्च आता है उसके कारण शुल्क बढ़ाया गया है।

कितने फ्री ट्रांजेक्शन कर सकते हैं आप

सबसे पहले यह जानना जरूरी है कि नयी पॉलिसी हर ग्राहक पर समान रूप से लागू नहीं होती। SBI के ग्राहकों के लिए हर महीने कुछ फ्री ATM ट्रांजैक्शंस तय किए गए हैं, जिनके भीतर आप बिना चार्ज दिए पैसे निकाल सकते हैं या अन्य सेवाएं ले सकते हैं। इसके बाद जब आप यह फ्री लिमिट पार कर लेते हैं, तो आपको पैसे निकालने पर ₹23 + GST देना होगा। इस नए रेट से पहले यह शुल्क ₹21 + GST था, जिसे अब बढ़ा दिया गया है।

SBI ने यह भी साफ किया है कि फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या में कोई कटौती नहीं की गई है, लेकिन शुल्क में वृद्धि की गई है ताकि इंटरबैंक की इंटरचेंज फीस का बोझ कम किया जा सके। इसका मतलब है कि अगर आप महीने में फ्री लिमिट से ज़्यादा बार ATM का इस्तेमाल करते हैं, तो अब हर अतिरिक्त बार पैसे निकालते समय बैंक आपको मोटी रसीद भेजेगा।

दूसरे ATM पर भी लागू होगा नियम

यह नियम न सिर्फ SBI के अपने ATM पर बल्कि दूसरे बैंक के ATM इस्तेमाल करने पर भी लागू होता है, जब फ्री ट्रांजैक्शन की संख्या पार होती है। इसके पहले कई बैंक ग्राहकों को अपने ATM पर प्राथमिकता देते थे और दूसरे बैंक के ATM पर ज्यादा शुल्क लेते थे, लेकिन अब दोनों जगहों के लिए नियम मजबूत और महंगे हो गए हैं।

नए ATM चार्जेस के बारे में जानना जरूरी है क्योंकि अक्सर लोग यह समझते हैं कि ATM से पैसे निकालना अब भी हमेशा मुफ्त है, लेकिन ऐसा नहीं है। अधिकांश बैंक अब महीने के पहले कुछ ट्रांजैक्शनों को मुफ्त रखते हैं और उसके बाद ही शुल्क लागू करते हैं। SBI के मामले में, फ्री लिमिट पार होने के बाद ₹23 + GST की कटौती होती है, जिसका मतलब यह है कि हर बार जब आप ATM से पर्सनल नकद निकालते हैं, आपका बैलेंस कम होता जाएगा।

बैंक ने यह बदलाव क्यों किया, इसका कारण इंटरचेंज फी में RBI द्वारा की गई वृद्धि बताई जा रही है, जिसका असर सीधे ग्राहकों पर पड़ा है। यानी जब बैंक दूसरे बैंक के ATM नेटवर्क का इस्तेमाल करते हैं, तो उन्हें पहले से ज्यादा पैसे चुकाने पड़ते हैं, और इसी कारण सेवा शुल्क बढ़ाया गया है। इस बदलाव को लागू करने का मकसद बैंक को ATM नेटवर्क चालू रखने के खर्च को पूरा करना है।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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