सऊदी अरब के शाही परिवार से ताल्लुक रखने वाले और दुनिया भर में ‘स्लीपिंग प्रिंस’ के नाम से मशहूर प्रिंस अलवलीद बिन खालिद बिन तलाल का 20 साल लंबे कोमा के बाद निधन हो गया है। वे मात्र 18 साल की उम्र में एक सड़क हादसे का शिकार हुए थे और तब से लगातार कोमा में थे।
कौन थे 'स्लीपिंग प्रिंस'?
प्रिंस अलवलीद बिन खालिद, सऊदी अरब के अरबपति कारोबारी प्रिंस खालिद बिन तलाल के बेटे थे और उनकी पहचान एक शक्तिशाली व प्रभावशाली शाही परिवार के सदस्य के रूप में थी। वे 2005 में एक कार एक्सीडेंट में घायल हुए थे, जिसके बाद से कोमा में चले गए थे। परिवार ने कभी हार नहीं मानी और 20 वर्षों तक उन्हें जीवनरक्षक प्रणाली पर जीवित रखा।
क्यों कहा जाता था ‘स्लीपिंग प्रिंस’?
उनकी हालत वर्षों से वैसी ही बनी रही, न बोल सकते थे, न हिल सकते थे। केवल उनकी पलकें कभी-कभी हलचल करती थीं। सोशल मीडिया पर अक्सर उनकी तस्वीरें वायरल होती थीं, जिनमें वे अस्पताल के बेड पर नजर आते थे। इस वजह से ही उन्हें 'स्लीपिंग प्रिंस' कहा जाने लगा।
कितनी थी 'स्लीपिंग प्रिंस' की नेटवर्थ?
हालांकि खुद प्रिंस अलवलीद बिन खालिद की व्यक्तिगत कमाई नहीं थी क्योंकि वे युवा अवस्था में ही दुर्घटना का शिकार हो गए थे, लेकिन उनका संबंध सऊदी अरब के सबसे अमीर घरानों में से एक से था। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, उनके चाचा प्रिंस अलवलीद बिन तलाल की नेटवर्थ अकेले ही करीब $18-20 बिलियन (लगभग ₹1.5 लाख करोड़ रुपये) बताई जाती है। उनके पिता प्रिंस खालिद बिन तलाल भी एक अरबपति हैं, और पूरे परिवार की कुल संपत्ति $25 अरब डॉलर से ज्यादा आंकी जाती है। ऐसे में ‘स्लीपिंग प्रिंस’ एक शाही, बेहद संपन्न विरासत का हिस्सा थे।
20 साल तक ICU में क्यों रखा गया?
परिवार का मानना था कि अल्लाह उन्हें चमत्कारी रूप से ठीक कर देगा। उनके पिता ने इलाज रुकवाने या जीवनरक्षक सिस्टम हटाने से इनकार कर दिया। कई बार हल्की प्रतिक्रिया देखने के बाद परिवार को उम्मीद रहती थी कि एक दिन वे लौट आएंगे।
‘स्लीपिंग प्रिंस’ की मृत्यु की पुष्टि उनके चाचा प्रिंस अलवलीद बिन तलाल ने की। सोशल मीडिया पर उन्हें श्रद्धांजलि देने वालों की संख्या हजारों में रही। अरब जगत में यह एक भावनात्मक क्षण रहा, क्योंकि 20 वर्षों तक लोगों की उम्मीदें इस युवा प्रिंस से जुड़ी रही थीं।
