Salary Account Benefits And Features: नौकरी करने वाले हर व्यक्ति के पास अमूमन एक नहीं दो बैंक खाते होते हैं। पहला उसका खुद का सेविंग अकाउंट और दूसरा सैलरी अकाउंट। हालांकि, बहुत कम लोगों को जानकारी होती है कि दोनों ही अकाउंट के अलग-अलग फीचर होते हैं। इस आर्टिकल में आपको यही बताने जा रहे हैं कि आपका सैलरी अकाउंट सेविंग अकाउंट से कैसे अलग है।
सेविंग अकाउंट और सैलरी अकाउंट
आमतौर पर सैलरी अकाउंट किसी कंपनी के कर्मचारियों के लिए खोला जाता है, जिसमें हर महीने उनकी सैलरी सीधे जमा होती है। दूसरी ओर, सेविंग अकाउंट आम लोगों के लिए होता है, जिसमें वे अपनी बचत जमा करते हैं और जरूरत के अनुसार पैसे निकाल सकते हैं।
दोनों में अंतर
दोनों अकाउंट में सबसे बड़ा अंतर मिनिमम बैलेंस को लेकर होता है। सेविंग अकाउंट में अक्सर बैंक एक निश्चित न्यूनतम बैलेंस रखने की शर्त रखते हैं। अगर यह बैलेंस कम हो जाता है, तो बैंक चार्ज भी ले सकता है। लेकिन सैलरी अकाउंट में आमतौर पर जीरो बैलेंस की सुविधा होती है यानी खाते में पैसे न होने पर भी कोई पेनल्टी नहीं लगती। इसलिए यह कर्मचारियों के लिए ज्यादा सुविधाजनक होता है।
सैलरी अकाउंट के फायदे
- इस खाते में न्यूनतम बैलेंस रखने की जरूरत नहीं होती यानी खाते में पैसा न होने पर भी कोई पेनल्टी नहीं लगती।
- खाते में हर महीने एवरेज बैलेंस बनाए रखने की शर्त नहीं होती और इस पर कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं लिया जाता।
- खाते में अतिरिक्त पैसा होने पर वह अपने-आप फिक्स्ड डिपॉजिट में ट्रांसफर होकर बेहतर ब्याज दिला सकता है। हालांकि, यह एक ऑप्शन सर्विस होती है।
- खाते के साथ बिना किसी शुल्क के डेबिट कार्ड मिलता है, जिसमें कई विशेष ऑफर और सुविधाएं मिलती हैं।
- ग्राहक भारत में किसी भी बैंक के
ATM से कितनी भी बार पैसे निकाल सकते हैं या दूसरे ट्रांजैक्शन कर सकते हैं। - डिमांड ड्राफ्ट जारी करवाने पर सामान्यतः लगने वाला शुल्क माफ कर दिया जाता है।
- हर महीने 25 पन्नों तक की मल्टी सिटी चेकबुक जारी करवाने पर कोई शुल्क नहीं लिया जाता।
- ऑनलाइन
RTGS और NEFT के जरिए पैसे ट्रांसफर करने पर कोई ट्रांजैक्शन चार्ज नहीं लगता। - खाते के साथ व्यक्तिगत या हवाई दुर्घटना बीमा कवर मुफ्त में प्रदान किया जाता है।
- सैलरी अकाउंट धारकों को पर्सनल, कार और होम लोन पर बेहतर ब्याज दरें मिल सकती हैं।
- पात्रता के अनुसार ग्राहक खाते में उपलब्ध बैलेंस से अधिक राशि भी अस्थायी रूप से निकाल सकते हैं।
- बैंक लॉकर के वार्षिक किराए में पात्रता के अनुसार छूट दी जाती है।
- पात्र ग्राहकों को विशेष वेल्थ रिलेशनशिप मैनेजमेंट और पर्सनलाइज्ड बैंकिंग सर्विस दी जाती हैं।
