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Rupee vs Dollar: करेंसी रिंग में रुपए का नॉक आउट पंच, डॉलर के मुकाबले जोरदार वापसी

Rupee vs Dollar: रुपये में यह सुधार ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका ने भारत पर बड़ा झटका देते हुए 1 अगस्त से 25% टैक्स लगाने का ऐलान किया है। इसके अलावा रूस से तेल और हथियार खरीदने पर भी अमेरिका ने भारत को जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।

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Rupee vs Dollar (Pic Credit: iStock)

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Rupee vs Dollar: गुरुवार को डॉलर के मुकाबले रुपया थोड़ा मजबूत हुआ और 22 पैसे की बढ़त के साथ 87.58 पर बंद हुआ। इससे पहले बुधवार को रुपया अपने सबसे निचले स्तर 87.80 पर पहुंच गया था। रुपये में यह सुधार ऐसे वक्त में आया है जब अमेरिका ने भारत पर बड़ा झटका देते हुए 1 अगस्त से 25% टैक्स लगाने का ऐलान किया है। इसके अलावा रूस से तेल और हथियार खरीदने पर भी अमेरिका ने भारत को जुर्माना लगाने की चेतावनी दी है।

इन फैसलों से बाजार में हलचल मच गई, लेकिन यह भी माना जा रहा है कि भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने रुपये को संभालने के लिए बाजार में दखल दिया। इससे रुपये को गिरने से कुछ राहत मिली। शुरुआत में रुपया 87.66 पर खुला, दिन में यह 87.74 तक गिरा लेकिन फिर 87.51 तक चढ़कर अंत में 87.58 पर आ गया।

क्या बोले एक्सपर्ट्स?

न्यूज एजेंसी भाषा के मुताबिक आनंद राठी ग्लोबल फाइनेंस के हरसिमरन साहनी ने कहा कि अगर दबाव बना रहा तो रुपया 88 तक भी जा सकता है। RBI बाजार में एक्टिव हो सकता है ताकि अस्थिरता को रोका जा सके।

बाकी बाजार का हाल

  • सेंसेक्स में 296 अंकों की गिरावट, बंद हुआ 81,185 पर
  • निफ्टी 86 अंक गिरकर 24,768 पर
  • कच्चे तेल की कीमत 0.67% घटकर 72.75 डॉलर प्रति बैरल
  • विदेशी निवेशकों ने 850 करोड़ के शेयर बेचे

हालांकि ट्रंप के टैक्स फैसले ने भारत को झटका दिया है, लेकिन RBI के सख्त रवैये से रुपये को फिलहाल थोड़ा सहारा मिल गया है। आगे की चाल अमेरिका-भारत के रिश्तों और बाजार के रुख पर निर्भर करेगी।

Richa Tripathi
रिचा त्रिपाठीauthor

रिचा त्रिपाठी टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में बिजनेस डेस्क पर सीनियर कॉपी एडिटर के रूप में कार्यरत हैं। मीडिया इंडस्ट्री में 7 वर्षों के अनुभव के साथ रिचा, पर्सनल फाइनेंस, स्टॉक मार्केट, टैक्स प्लानिंग और अर्थव्यवस्था से जुड़े विषयों पर मजबूत पकड़ रखती हैं। अब तक 8,000 से अधिक कंटेंट लिख चुकी रिचा की विशेषता है—जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और भरोसेमंद तरीके से पाठकों तक पहुंचाना। वह ऐसी स्टोरीज तैयार करती हैं जो न केवल जानकारीपूर्ण होती हैं, बल्कि आम पाठक की वित्तीय समझ को बेहतर बनाने में भी मदद करती हैं।

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