Senior Citizen Poverty Rates : दुनिया के कई अमीर और विकसित देशों में बुजुर्गों की आर्थिक स्थिति एक जैसी नहीं है। कुछ देशों में 66 वर्ष और उससे अधिक उम्र के लोगों के बीच गरीबी की दर 5 प्रतिशत से भी कम है, तो कुछ देशों में यह आंकड़ा 20 प्रतिशत से ऊपर पहुंच गया है। आर्थिक सहयोग और विकास संगठन (OECD) के ताजा उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक दक्षिण कोरिया बुजुर्ग गरीबी के मामले में सबसे खराब स्थिति वाले देशों में सबसे ऊपर है। यह आंकड़े साल 2023 के हैं और अगस्त 2026 तक उपलब्ध सबसे ताजा आंकड़े माने जा रहे हैं। इसमें OECD के सदस्य देशों के अलावा बुल्गारिया, क्रोएशिया और रोमानिया को भी शामिल किया गया है, जो फिलहाल OECD की सदस्यता की प्रक्रिया में हैं।
दक्षिण कोरिया में सबसे ज्यादा बुजुर्ग गरीबी
दक्षिण कोरिया इस लिस्ट में सबसे ऊपर है। वहां 66 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 39.8 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा से नीचे जीवन गुजार रहे हैं। यह आंकड़ा दूसरे स्थान पर रहने वाले लातविया से भी काफी ज्यादा है। दक्षिण कोरिया में बुजुर्ग गरीबी की एक बड़ी वजह वहां की पेंशन व्यवस्था का अपेक्षाकृत नया होना भी माना जाता है। देश में सार्वजनिक पेंशन प्रणाली की शुरुआत 1988 में हुई थी। इसका मतलब है कि आज के कई बुजुर्गों को पर्याप्त पेंशन जमा करने के लिए अपने कामकाजी जीवन में बहुत लंबा समय नहीं मिल पाया। दक्षिण कोरिया में बुजुर्गों की गरीबी दर देश की कुल गरीबी दर से भी काफी ज्यादा है। देश की कुल आबादी में गरीबी दर 14.9 प्रतिशत है, जबकि बच्चों में यह दर सिर्फ 8.5 प्रतिशत बताई गई है।
लातविया दूसरे नंबर पर
दक्षिण कोरिया के बाद लातविया में बुजुर्ग गरीबी की स्थिति सबसे गंभीर है। यहां 66 वर्ष और उससे अधिक उम्र के 34.3 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं। यानी लातविया में करीब हर तीन बुजुर्गों में से एक व्यक्ति इस आय सीमा से नीचे जीवन जी रहा है। दक्षिण कोरिया की तुलना में लातविया की दर कम जरूर है, लेकिन फिर भी यह OECD देशों के औसत से काफी ऊपर है।
डेटा टेबल OECD देशों में गरीबी रेखा से नीचे रहने वाले बुजुर्गों की हिस्सेदारी
| रैंक | देश | गरीबी रेखा से नीचे रहने वाली 66 वर्ष से अधिक उम्र की आबादी |
|---|---|---|
| 1 | दक्षिण कोरिया | 39.8% |
| 2 | लातविया | 34.3% |
| 3 | क्रोएशिया | 30.7% |
| 4 | एस्टोनिया | 29.8% |
| 5 | लिथुआनिया | 25.9% |
| 6 | कोस्टा रिका | 25.8% |
| 7 | संयुक्त राज्य अमेरिका | 22.9% |
| 8 | बुल्गारिया | 17.9% |
| 9 | स्विट्जरलैंड | 17.8% |
| 10 | इजरायल | 16.0% |
| 11 | स्लोवेनिया | 15.8% |
| 12 | पुर्तगाल | 15.2% |
| 13 | यूनाइटेड किंगडम | 15.0% |
| 14 | आयरलैंड | 14.8% |
| 15 | जर्मनी | 14.5% |
| 16 | स्पेन | 13.1% |
| 17 | ऑस्ट्रिया | 12.3% |
| 18 | इटली | 12.3% |
| 19 | रोमानिया | 12.3% |
| 20 | ग्रीस | 11.5% |
बाल्टिक देशों में भी बड़ी समस्या
visualcapitalist की रिपोर्ट के मुताबिक बुजुर्ग गरीबी के मामले में बाल्टिक क्षेत्र के तीन देश लातविया, एस्टोनिया और लिथुआनिया ऊंचे स्थान पर हैं। एस्टोनिया में बुजुर्ग गरीबी दर 29.8 प्रतिशत, जबकि लिथुआनिया में यह 25.9 प्रतिशत है। इन तीनों बाल्टिक देशों में औसतन करीब 30 प्रतिशत बुजुर्ग गरीबी रेखा के नीचे रहते हैं। इसके मुकाबले इस डेटा में शामिल 32 देशों का औसत सिर्फ 14.8 प्रतिशत है। यानी बाल्टिक देशों में बुजुर्गों की स्थिति औसत से काफी खराब दिखाई देती है।
अमेरिका भी टॉप देशों में शामिल
दुनिया की सबसे बड़ी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल अमेरिका भी इस लिस्ट में अच्छी स्थिति में नहीं है। अमेरिका में 22.9 प्रतिशत बुजुर्ग गरीबी रेखा से नीचे हैं। यह आंकड़ा अमेरिका को OECD देशों में सातवें स्थान पर रखता है। इसका मतलब है कि अमेरिका में करीब हर पांच में से एक बुजुर्ग व्यक्ति ऐसे परिवार में रह रहा है जिसकी आय देश की औसत आय के मुकाबले काफी कम है। अमेरिका की बुजुर्ग गरीबी दर 32 देशों के 14.8 प्रतिशत औसत से करीब 8 प्रतिशत अंक ज्यादा है।
ब्रिटेन और जर्मनी की स्थिति बेहतर
अमेरिका की तुलना में कई अन्य बड़े विकसित देशों में बुजुर्ग गरीबी दर कम है। ब्रिटेन में यह दर 15 प्रतिशत, जबकि जर्मनी में 14.5 प्रतिशत है। इटली में बुजुर्ग गरीबी दर 12.3 प्रतिशत बताई गई है। यानी अमेरिका की 22.9 प्रतिशत दर इन देशों के मुकाबले काफी ज्यादा है। यह अंतर दिखाता है कि किसी देश की कुल आर्थिक ताकत के बावजूद वहां बुजुर्गों की आर्थिक स्थिति अलग हो सकती है।
नॉर्वे में सबसे कम बुजुर्ग गरीबी
लिस्ट के दूसरे छोर पर नॉर्वे है। यहां 66 वर्ष और उससे अधिक उम्र के सिर्फ 3.2 प्रतिशत लोग गरीबी रेखा के नीचे हैं। इसके बाद चेक में 3.6 प्रतिशत, नीदरलैंड्स में 4.6 प्रतिशत और स्लोवाकिया में 4.7 प्रतिशत बुजुर्ग गरीबी रेखा के नीचे हैं। यानी इन देशों में यह दर 5 प्रतिशत से भी कम है। दक्षिण कोरिया की 39.8 प्रतिशत दर नॉर्वे की 3.2 प्रतिशत दर से 12 गुना से भी ज्यादा है।
गरीबी की यह परिभाषा समझना जरूरी
OECD के इन आंकड़ों में गरीबी का मतलब सिर्फ कम पैसे होना नहीं है। यहां गरीबी रेखा को देश की कुल आबादी की औसत आय के आधे के आधार पर तय किया गया है। इसलिए यह आंकड़ा बताता है कि बुजुर्ग अपने ही देश के आम लोगों की आय की तुलना में कितने पीछे हैं। इसे अलग-अलग देशों के बुजुर्गों के वास्तविक जीवन स्तर की सीधी तुलना नहीं माना जाना चाहिए। कुल मिलाकर, आंकड़े बताते हैं कि दक्षिण कोरिया, लातविया, एस्टोनिया और लिथुआनिया जैसे देशों में बुजुर्ग गरीबी बड़ी चुनौती है, जबकि नॉर्वे, चेकिया, नीदरलैंड्स और स्लोवाकिया में स्थिति काफी बेहतर है। यह अंतर पेंशन व्यवस्था, सामाजिक सुरक्षा और बुजुर्गों के लिए सरकारी सहायता की अहमियत को भी सामने लाता है।
