Iran-USA युद्ध की वजह से Rupee vs Dollar कारोबार भी जंग का मैदान जैसा हो गया है, जहां बढ़ली ग्लोबल अस्थिरता डॉलर को मजबूत कर रही है और रुपये में कमजोरी आ रही है। रिजर्व बैंक (RBI) ने फौरी तौर पर रुपये के घावों को भरने के लिए जो 'मरहम' लगाए हैं, उनका असर दिखने लगा है। 5 कारोबारी सत्र में डॉलर के मुकाबले रुपया 70 पैसा मजबूत हुआ है। सप्ताह के आखिरी दिन यानी शुक्रवार 12 जून को डॉलर के मुकाबले रुपया 66 पैसे की मजबूती के साथ बंद हुआ है।
कैसा रहा रुपये और डॉलर का कारोबार
रुपया आज इंडियन सेशन में प्रति डॉलर 95.11 पर बंद हुआ। कल के क्लोजिंग लेवल 95.77 रुपये प्रति डॉलर की तुलना में आज रुपये में 66 पैसे यानी करीब 0.69% की भारी मजबूती देखने को मिली है। आज की कारोबार की शुरआत में रुपया डॉलर के मुकाबले 95.3600 पर ओपन हुआ। इसके बाद 95.53 के इंट्रा डे लो को छूते हुए 94.94 के इंट्रा डे हाई तक पहुंचा। दिन के आखिर में 95.11 पर बंद हुआ। दिलचस्प बात यह है कि पिछले एक सप्ताह में डॉलर के मुकाबले रुपये का सबसे निचला स्तर 95.77 ही रहा। इस तरह पूरे सप्ताह रुपये में बड़ी फिसलन नहीं हुई।
फ्यूचर मार्केट में भी आई तेजी
रुपये और डॉलर के कारोबार में रुपया सिर्फ स्पॉट मार्केट में ही मजबूत नहीं हुआ है। बल्कि, NSE/MCX जैसे फ्यूचर्स मार्केट में भी मजबूती देखने को मिली है। NSE के डेटा के मुताबिक जून कॉन्ट्रैक्ट (USDINR 25JUN26 FUT) में रुपये 0.62% मजबूत होकर 95.23 पर आ गया है। वहीं, जुलाई कॉन्ट्रैक्ट (USDINR 29JUL26 FUT) 0.56% की मजबूती के साथ 95.53 पर ट्रेड कर रहा है। रुपये की फ्यूचर्स प्राइस में यह मजबूती बता रही है कि रिजर्व बैंक की तरफ से डॉलर के खिलाफ रुपये की गिरावट के रोकने के लिए किए गए उपाय अब असर दिखा रहे हैं।
ऑल टाइम लो से कितना सुधरा?
20 मई को भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले अपने सर्वकालिक निचले स्तर (All-Time Low) 96.96 पर पहुंच गया था। 12 जून, 2026 के क्लोजिंग भाव 95.11 रुपये के आधार पर देखें, तो रुपया अपने सबसे खराब स्तर से 1 रुपये 85 पैसे (लगभग 1.91%) सुधर चुका है।
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