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Dollar के मुकाबले रुपया टूटकर अबतक के सबसे निचले स्तर पर पहुंचा, जानें क्या है ताजा रेट?

डॉलर के मुकाबल रुपया लगातार कमजोर हो रहा है। अमेरिकी टैरिफ के कारण रुपये पर दबाव बना हुआ है। शुक्रवार को रुपया 88.27 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ।

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रुपया टूटा (Istock)

Rupee Vs Dollar: डॉलर के मुकाबले रुपया टूटता ही जा रहा है। शुक्रवार को अंतरबैंक विदेशी मुद्रा विनिमय बाजार में रुपया अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.11 पर खुला। कारोबार के दौरान यह 88.38 प्रति डॉलर के अब तक के सबसे निचले स्तर तक पहुंच गया। कारोबार के अंत में यह 88.27 (अस्थायी) प्रति डॉलर के सर्वकालिक निचले स्तर पर बंद हुआ जो पिछले बंद भाव से 15 पैसे की गिरावट दर्शाता है। रुपया बृहस्पतिवार को अमेरिकी डॉलर के मुकाबले 88.12 के भाव पर बंद हुआ था। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपया इससे पहले दो सितंबर को सर्वकालिक निचले स्तर 88.15 पर पहुंचा था।

इस कारण टूटा रुपया

फिनरेक्स ट्रेजरी एडवाइजर्स एलएलपी के कार्यकारी निदेशक अनिल कुमार भंसाली ने कहा कि भारतीय आईटी क्षेत्र पर अमेरिकी शुल्क लगाने की अटकलों से रुपया अपने रिकॉर्ड निचले स्तर पर आ गया, जिससे शेयर बाजार में गिरावट आई और डॉलर/रुपये की विनिमय दर में तेजी आई। हालांकि समाचार एजेंसियों द्वारा इस अफवाह का खंडन किए जाने के बाद रुपये ने थोड़ी वापसी। इस बीच, छह प्रमुख मुद्राओं के मुकाबले अमेरिकी डॉलर की स्थिति को दर्शाने वाला डॉलर सूचकांक 0.31 प्रतिशत की गिरावट के साथ 98.03 पर आ गया।

शेयर बाजार में भी रही मामूली गिरावट

घरेलू शेयर बाजारों में सेंसेक्स 7.25 अंक की मामूली गिरावट के साथ 80,710.76 अंक पर रहा जबकि निफ्टी 6.70 अंक की मामूली बढ़त के साथ 24,741 अंक पर बंद हुआ। अंतरराष्ट्रीय मानक ब्रेंट क्रूड 0.25 प्रतिशत की गिरावट के साथ 66.82 डॉलर प्रति बैरल के भाव पर रहा।

शेयर बाजार के आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी संस्थागत निवेशक (एफआईआई) बृहस्पतिवार को बिकवाल रहे थे और उन्होंने शुद्ध रूप से 106.34 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। विदेशी मुद्रा कारोबारियों ने कहा कि कमजोर डॉलर और कच्चे तेल की गिरती कीमतें स्थानीय मुद्रा में गिरावट को रोकने में विफल रहीं। कमोडिटी एक्सपर्ट का कहना है कि अमेरिकी टैरिफ की आशंकाओं और निर्यात खतरों ने निवेशकों की धारणा को नकारात्मक बनाया है। वहीं, विदेशी निवेशकों की भारी निकासी से भी रुपये पर बिकवाली दबाव बढ़ा।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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