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88032 करोड़ रु के 500 रु के नोट गायब होने का दावा, देर रात आरबीआई को देनी पड़ी सफाई

Rs 500 Notes Worth Crores Missing: आरबीआई ने जनता से ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई द्वारा दी गई सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है। इससे पहले हाल ही में आरबीआई ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा था कि 2022-23 में लगभग 91,110 नकली 500 रुपये के नोटों का पता चला।

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500 रु के नोट सिस्टम से गायब

Photo : BCCL
KEY HIGHLIGHTS
500 करोड़ रु के करोड़ों के नोट गायब होने का दावाआरबीआई ने दावे को बताया गलतदेर रात प्रेस रिलीज जारी कर दिया जवाब

Rs 500 Notes Worth Crores Missing: रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) को 500 रु के नोटों (Rs 500 Notes) पर सफाई देनी पड़ी है। दरअसल कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सिस्टम से हजारों करोड़ रु 500 रु के नोट गायब हो गए हैं। इस पर आरबीआई ने देर रात क्लियर किया कि सिस्टम से 88,032 करोड़ रु के 500 रु के नोट गायब होने की बात गलत है।

देर रात एक प्रेस रिलीज में, आरबीआई ने कहा कि कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में बैंक नोट प्रिंटिंग प्रेसों द्वारा मुद्रित बैंक नोटों के गायब होने का आरोप लगाया गया है। आरबीआई के अनुसार, ये रिपोर्ट सूचना के अधिकार अधिनियम, 2005 के तहत प्रिंटिंग प्रेसों से ली गई जानकारी की गलत व्याख्या पर आधारित हैं।

रहती है कड़ी निगरानी

आरबीआई ने क्लियर किया है कि प्रिंटिंग प्रेसों से आरबीआई को सप्लाई किए जाने वाले सभी बैंक नोटों का उचित हिसाब रखा जाता है। आरबीआई ने यह भी कहा कि प्रेस में छपे और आरबीआई को सप्लाई किए गए बैंक नोटों के मिलान के लिए मजबूत सिस्टम हैं जिनमें बैंकनोट्स के प्रोडक्शन, स्टोरेज और डिस्ट्रिब्यूशन की निगरानी के लिए प्रोटोकॉल शामिल हैं।

आरबीआई की जानकारी पर भरोसा करें

आरबीआई ने जनता से ऐसे मामलों में समय-समय पर आरबीआई द्वारा दी गई सूचनाओं पर भरोसा करने को कहा है। इससे पहले हाल ही में आरबीआई ने अपनी सालाना रिपोर्ट में कहा था कि 2022-23 में लगभग 91,110 नकली 500 रुपये के नोटों का पता चला।

रिपोर्ट में कहा गया था कि 2022-23 के दौरान, बैंकिंग क्षेत्र में पाए गए कुल नकली भारतीय मुद्रा नोटों में से 4.6 प्रतिशत रिज़र्व बैंक में और 95.4 प्रतिशत अन्य बैंकों में पाए गए। केंद्रीय बैंक ने इसी वर्ष 100 रुपये के 78,699 नकली नोट और 200 रुपये के 27,258 नकली नोट मिलने की जानकारी दी।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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