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अक्टूबर में खुदरा मुद्रास्फीति में बड़ी गिरावट, पहुंची कई साल के निचले स्तर पर, जानें कितनी?

महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में घटकर कई साल के निचले स्तर 0.25 प्रतिशत पर पहुंच गई है। महंगाई निचले स्तर पर पहुंचने के बाद एक बार फिर से होम, कार लोन समेत तमाम तरह के लोन सस्ते होने की उम्मीद बढ़ गई है। आरबीआई अगली मौद्रिक पॉलिसी में रेपो रेट घटाने का ऐलान कर सकता है।

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खुदरा महंगाई

CPI Data: महंगाई के मोर्चे पर बड़ी राहत मिली है। खुदरा मुद्रास्फीति अक्टूबर में घटकर कई साल के निचले स्तर 0.25 प्रतिशत पर पहुंच गई है। महंगाई निचले स्तर पर पहुंचने के बाद एक बार फिर से होम, कार लोन समेत तमाम तरह के लोन सस्ते होने की उम्मीद बढ़ गई है। आरबीआई अगली मौद्रिक पॉलिसी में रेपो रेट घटाने का ऐलान कर सकता है।

जीएसटी कटौती का भी असर

माल एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों में कटौती और सब्जियों एवं फलों की कीमतों में नरमी के कारण खुदरा मुद्रास्फीति में यह गिरावट आई है। उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (सीपीआई) आधारित खुदरा मुद्रास्फीति सितंबर में 1.44 प्रतिशत और अक्टूबर, 2024 में 6.21 प्रतिशत थी।

राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (एनएसओ) की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार, अक्टूबर में खाद्य मुद्रास्फीति घटकर शून्य से नीचे 5.02 प्रतिशत पर आ गई।

एनएसओ ने कहा कि अक्टूबर, 2025 के दौरान कुल मुद्रास्फीति और खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट मुख्य रूप से जीएसटी दर में कटौती, अनुकूल आधार प्रभाव एवं तेल व वसा, सब्जियों, फलों, अंडे, जूते, अनाज, परिवहन व संचार की महंगाई दर में नरमी के कारण हुई।

Alok Kumr
आलोक कुमार author

आलोक कुमार टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में एसोसिएट एडिटर के पद पर कार्यरत हैं। इलेक्ट्रॉनिक, डिजिटल और प्रिंट मीडिया में 17 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव रखने वाले आलोक ने अपने पत्रकारिता करियर में कई प्रमुख कॉर्पोरेट इवेंट्स और चर्चित स्टोरीज कवर की हैं। वह बिजनेस, बैंकिंग, शेयर मार्केट और पर्सनल फाइनेंस पर गहरी समझ रखते हैं और जटिल वित्तीय जानकारियों को सरल, स्पष्ट और पाठक-केंद्रित तरीके से प्रस्तुत करने में माहिर हैं। अब तक आलोक ने लगभग 18,000 स्टोरीज लिखी हैं। उनकी लेखन शैली भरोसेमंद, विश्लेषणात्मक और व्यावहारिक जानकारी देने वाली होती है।

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