रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने 'राइजिंग नॉर्थईस्ट इन्वेस्टर्स समिट' में घोषणा की कि उनका समूह आने वाले पांच वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में 75,000 करोड़ रुपये का निवेश करेगा। यह निवेश दूरसंचार सेवाओं, खुदरा व्यापार, स्वच्छ ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार पर केंद्रित होगा। रिलायंस क्षेत्र में 350 एकीकृत संपीड़ित बायोगैस संयंत्र स्थापित करेगा, जिससे जैविक कचरे को ऊर्जा में बदला जाएगा। यह पहल "कचरे से संपदा" की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम होगी और स्थानीय कृषि आधारित अर्थव्यवस्था को भी बल देगी।
जियो ने अब तक पूर्वोत्तर में 90% आबादी को 5G नेटवर्क से जोड़ दिया है और अब इस संख्या को दोगुना करने की योजना है। कंपनी का लक्ष्य एआई की शक्ति को स्कूलों, अस्पतालों, उद्यमों और घरों तक पहुंचाना है। रिलायंस किसानों से सीधे खाद्य उत्पादों की खरीद को बढ़ाएगी और स्थानीय उत्पादों के लिए फैक्ट्रियां स्थापित करेगी। यह कदम ग्रामीण आय में वृद्धि करेगा और क्षेत्र की पारंपरिक कारीगर अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा।
स्वास्थ्य सेवाओं में बड़ा कदम
रिलायंस फाउंडेशन मणिपुर में 150 बिस्तरों वाला कैंसर अस्पताल स्थापित करेगा। साथ ही मिजोरम विश्वविद्यालय के सहयोग से स्तन कैंसर देखभाल और गुवाहाटी में एक अत्याधुनिक आणविक अनुसंधान प्रयोगशाला भी स्थापित की गई है।
खेलों में पूर्वोत्तर की भूमिका को मान्यता
पूर्वोत्तर भारत की खेल प्रतिभा को ध्यान में रखते हुए, रिलायंस फाउंडेशन आठों राज्यों में ओलंपिक प्रशिक्षण केंद्र शुरू करेगा, ताकि भविष्य में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खिलाड़ी तैयार किए जा सकें।
पूर्वोत्तर को भारत के विकास केंद्र में लाना
मुकेश अंबानी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा करते हुए कहा कि उन्होंने पूर्वोत्तर को भारत के विकास मानचित्र के केंद्र में लाने का कार्य किया है। उन्होंने यह भी कहा कि रिलायंस इस क्षेत्र को देश का प्रेरणादायक मॉडल बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
भाषा इनपुट के साथ
