बिजनेस

अंबानी परिवार के हाथ से निकल जाएगी ये कंपनी, खरीद रहे हैं ये सिंधी कारोबारी

रिलायंस कैपिटल की नीलामी के दूसरे दौर में हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स ने सबसे अधिक बोली लगाई है। कंपनी की तरफ से 9,650 करोड़ रु के एडवांस कैश ऑफर की पेशकश की गई है।

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रिलायंस कैपिटल की नीलामी

Photo : Twitter
KEY HIGHLIGHTS
  • हिंदुजा ग्रुप खरीद सकता है रिलायंस कैपिटल
  • 9650 करोड़ का रखा ऑफर
  • टोरेंट इन्वेस्टमेंट्स और ओकट्री कैपिटल ने नहीं लगाई बोली

Reliance Capital Auction : बुधवार को हुई नीलामी में हिंदुजा समूह की कंपनी इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स रिलायंस कैपिटल के लिए अकेली बिड दाखिल करने वाली कंपनी बनकर सामने आई है। इसने 9,650 करोड़ रु का एडवांस कैश ऑफर पेश किया है। बता दें कि टोरेंट इन्वेस्टमेंट्स और ओकट्री कैपिटल ने रिलायंस कैपिटल के लिए बिड नहीं लगाई। हालांकि उन्होंने पहले संकेत दिया था कि वे इस प्रोसेस में हिस्सा लेंगी।

टोरेंट इंवेस्टेमेंट्स रह गई पीछे

इंडसइंड इंटरनेशनल होल्डिंग्स लिमिटेड (आईआईएचएल) की बोली पिछले साल दिसंबर में हुई नीलामी के पहले राउंड में टोरेंट इन्वेस्टमेंट्स द्वारा की गई 8,640 करोड़ रुपये की पेशकश से अधिक है।

इकोनॉमिक टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार लेनदारों की समिति (सीओसी) ने पहले दौर के लिए 9,500 करोड़ रुपये और दूसरे दौर के लिए 10,000 करोड़ रुपये की न्यूनतम बोली राशि तय की थी।

अपफ्रंट कैश पेमेंट ऑफर था जरूरी

सीओसी ने एक और शर्त रखी थी जिसके मुताबिक सभी बिड में कम से कम 8,000 करोड़ रुपये का अपफ्रंट कैश पेमेंट जरूरी था। पर आईआईएचएल की 9,650 करोड़ रुपये की पूरी बिड राशि ही एडवांस पेमेंट है।

सुप्रीम कोर्ट द्वारा रिलायंस कैपिटल की एसेट्स को बेचकर ज्यादा से ज्यादा वसूली करने के लिए बुधवार को नीलामी का दूसरा राउंड आयोजित किया गया था।

सिंधी कारोबारी की हो जाएगी अंबानी परिवार की कंपनी

हिंदुजा समूह की शुरुआत परमानंद दीपचंद हिंदुजा ने की थी, जो अविभाजित भारत के एक सिंधी परिवार के सेल्फ-मेड युवा उद्यमी थे। अब अगर हिंदुजा ग्रुप रिलांयस कैपिटल को खरीद लेता है तो फिर अंबानी परिवार की यह कंपनी सिंधी कारोबारी परिवार के समूह हिंदुजा की हो जाएगी।

आरबीआई ने लिया था कड़ा फैसला

नेशनल कंपनी लॉ ट्रिब्यूनल (एनसीएलटी) की मुंबई-बेंच ने रिलायंस कैपिटल की रेजोल्यूशन प्रोसेस को पूरा करने की समय सीमा तीन महीने बढ़ाकर 16 जुलाई कर दी थी। उससे पहले भारतीय रिज़र्व बैंक (आरबीआई) ने 29 नवंबर, 2021 को पेमेंट डिफॉल्ट और गंभीर गवर्नेंस इश्यूज के मद्देनजर रिलायंस कैपिटल के बोर्ड को हटा दिया था।

Kashid Hussain
काशिद हुसैन author

<p>काशिद हुसैन अप्रैल 2023 से Timesnowhindi.Com (टाइम्स नाउ नवभारत) के साथ काम कर रहे हैं। यहां पर वे सीनियर कॉरेस्पोंडेंट हैं। टाइम्स नाउ नवभारत की बिजनेस टीम में वह शेयर मार्केट, म्यूचुअल फंड और आर्थिक जगत से जुड़ी सभी तरह की स्टोरी और वेब स्टोरी करते हैं। रिसर्च आधारित स्टोरी के लिए नए एंगल तलाश करना और रीडर्स की रुचि के अनुसार कॉपी लिखने पर फोकस रहता है। शेयर बाजार में खास रुचि है और इससे जुड़ी रियल टाइम खबरें कम समय में लगाने में विशेषज्ञता है। मीडिया में काम करने का 8 वर्षों का अनुभव है, जिसमें गुडरिटर्न्स और शेयर मंथन वेबसाइटों के अलावा निवेश मंथन पत्रिका में भी काम किया है। दिल्ली यूनिवर्सिटी से हिंदी पत्रकारिता में ग्रेजुएशन के बाद आईआईएमसी, नई दिल्ली से रेडियो एंव टेलीविजन में पोस्ट ग्रेजुएशन की है। ग्रेजुएशन के दौरान सहारा समय और सिटी न्यूज में इंटर्नशिप के साथ-साथ अखबार और वेबसाइट के लिए लिखना शुरू कर दिया था। काशिद को किताबें पढ़ना, फिल्में देखना और क्रिकेट में रुचि है। बिजनेस के अलावा खेल जगत और इंटरनेशनल खबरों में भी रुचि है।<br></p>

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