REC Share Price:सार्वजनिक क्षेत्र की आरईसी लिमिटेड को गुजरात के गिफ्ट सिटी में एक सहयोगी कंपनी स्थापित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मंजूरी मिल गई है।कंपनी के अनुसार प्रस्तावित कंपनी गिफ्ट सिटी के भीतर एक वित्त कंपनी के तौर पर कर्ज देने, निवेश समेत कई वित्तीय गतिविधियों में शामिल होगी। कंपनी का मुनाफा वित्त वर्ष 2023-24 की चौथी तिमाही में 33 प्रतिशत बढ़कर 4,079.09 करोड़ रुपये रहा। आरईसी के स्टॉक पिछले 6 महीनें में 75.31 फीसदी बढ़ चुके हैं। जबकि एक महीने में 17.60 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। हालांक सोमवार को शुरूआत कारोबार में कंपनी के शेयर पर लोअर सर्किट लग गया और उसके शेयर 10 फीसदी गिरकर 501.90 रुपये पर आ गए थे।
क्या है प्लानिंग आरईसी लिमिटेड की बयान के अनुसार, विद्युत मंत्रालय के अधीन और अग्रणी गैर बैंकिंग वित्तीय कंपनी (एनबीएफसी) आरईसी लिमिटेड को गांधीनगर में गुजरात इंटरनेशनल फाइनेंस टेक-सिटी (गिफ्ट सिटी) में एक अनुषंगी कंपनी स्थापित करने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) से 'अनापत्ति प्रमाणपत्र' (एनओसी) प्राप्त हुआ है। कंपनी ने कहा कि भारत में वित्तीय सेवाओं के लिए उभरते केंद्र गिफ्ट सिटी में परिचालन का विस्तार करने का निर्णय तब लिया गया है जब आरईसी अपने पोर्टफोलियो में विविधता ला रही है और वृद्धि के नए रास्ते खोल रही है।आरईसी लिमिटेड के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक (सीएमडी) विवेक कुमार देवांगन ने कहा, “गिफ्ट सिटी मंच विश्वस्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ अंतरराष्ट्रीय ऋण गतिविधियों के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। हमें विश्वास है कि आरईसी वैश्विक बाजार में अपने लिए जगह बनाने के लिए इन लाभों का उपयोग करेगी।
कैसी है कमाई आरईसी लिमिटेड की सार्वजनिक क्षेत्र की गैर-बैंकिंग वित्तीय कंपनी आरईसी लि. का एकीकृत शुद्ध लाभ मार्च 2024 को समाप्त तिमाही में 33 प्रतिशत बढ़कर 4,079.09 करोड़ रुपये रहा। मुख्य रूप से आय बढ़ने से कंपनी का लाभ बढ़ा है। एक साल पहले 2022-23 की जनवरी-मार्च तिमाही में 3,065.37 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था।
कंपनी की कुल आय 2023-24 की चौथी तिमाही में 12,706.66 करोड़ रुपये रही जो एक साल पहले इसी तिमाही में 10,254.63 करोड़ रुपये थी।पूरे वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का शुद्ध लाभ 14,145.46 करोड़ रुपये रहा जो एक साल पहले 11,166.98 करोड़ रुपये था।इस दौरान आय बढ़कर 47,571.23 करोड़ रुपये हो गयी जो एक साल पहले 2022-23 में 39,520.16 करोड़ रुपये थी।
