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Real Estate Index: रियल एस्टेट इंडेक्स 10 साल के टॉप पर, घरों की डिमांड ने बदला माहौल

Real Estate Index: सेंटीमेंट इंडेक्स स्कोर जब भी 50 से ऊपर होता है, तो यह माना जाता है कि रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़त हो रही है। और जब यह 50 से नीचे होता है तो रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट को दर्शाता है।

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रियल एस्टेट इंडेक्स

Real Estate Index:रियल एस्टेट सेक्टर में जबरदस्त तेजी देखने को मिल रही है और इसके कारण करंट सेंटीमेंट इंडेक्स स्कोर एक दशक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। इंडेक्स 72 के लेवल पर पहुंच गया है, जो कि पिछली तिमाही में 69 पर था। सेंटीमेंट इंडेक्स स्कोर का बढ़ना इस बात को दर्शाता है कि भारत आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में है। नाइट फ्रैंक - एनएआरईडीसीओ की रियल एस्टेट सेंटीमेंट इंडेक्स पहली तिमाही 2024 (जनवरी- मार्च) की रिपोर्ट में यह बात सामने आई है। सेंटीमेंट इंडेक्स स्कोर जब भी 50 से ऊपर होता है, तो यह माना जाता है कि रियल एस्टेट सेक्टर में बढ़त हो रही है। और जब यह 50 से नीचे होता है तो रियल एस्टेट सेक्टर में गिरावट को दर्शाता है।

क्या कहती है रिपोर्ट

नाइट फ्रैंक ने नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (एनएआरईडीसीओ) के साथ मिलकर जो इंडेक्स लांच किया है, उसमें जनवरी-मार्च में हुए सर्वे में 73 प्रतिशत लोगों ने माना है कि आने वाले छह महीने में घरों की बिक्री में बढ़त देखने को मिलेगी। यह आंकड़ा पिछली तिमाही में 65 प्रतिशत था।पहली तिमाही में 80 प्रतिशत लोगों का मानना था कि हाउसिंग प्रोजेक्ट के लॉन्च में आने वाले छह महीने में बढ़त देखने को मिल सकती है। जनवरी से मार्च में हुए सर्वे में 82 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अगले छह महीने में घरों की कीमतों में इजाफा हो सकता है। इससे पहले की तिमाही में ये आंकड़ा 65 प्रतिशत पर था।

नाइट फ्रैंक इंडिया के चेयरमैन और प्रबंधक निदेशक शिशिर बैजल ने कहा कि करंट सेंटीमेंट इंडेक्स स्कोर का बढ़ना इस बात को दर्शाता है कि भारत आर्थिक रूप से मजबूत स्थिति में है। घरेलू अर्थव्यवस्था मजबूत होने के कारण सभी पक्षकारों का आत्मविश्वास बढ़ा हुआ है। चौथी तिमाही में 8.4 प्रतिशत की दर से अर्थव्यवस्था बढ़ी है। इससे रियल एस्टेट सेक्टर की मांग को सहारा मिल रहा है और यह सेक्टर लोगों को निवेश के उचित अवसर उपलब्ध करा रहा ह

ऑफिस स्पेस की डिमांड बढ़ी

नाइट फ्रैंक ने नेशनल रियल एस्टेट डेवलपमेंट काउंसिल (एनएआरईडीसीओ) के साथ मिलकर जनवरी-मार्च के बीच किए अपने सर्वे में बताया कि 74 प्रतिशत लोगों का मानना है कि अगले छह महीने में ऑफिस लीज की मांग में इजाफा हो सकता है। इससे पहले की तिमाही में ये 69 प्रतिशत था।जनवरी से मार्च के बीच 58 प्रतिशत लोगों ने माना कि ऑफिस स्पेस की आपूर्ति अगले छह महीने में बढ़ेगी। अक्टूबर-दिसंबर की तिमाही में ये आंकड़ा 62 प्रतिशत था।जनवरी से मार्च की अवधि में 65 प्रतिशत लोगों ने माना कि ऑफिस के किराए में अगले छह महीने में इजाफा हो सकता है, ये आंकड़ा इससे पहले की तिमाही में 53 प्रतिशत था।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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