RBI cuts Cash Reserve Ratio: भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने शुक्रवार, 6 जून को एक बड़ा फैसला लेते हुए कैश रिजर्व रेश्यो (CRR) में 100 बेसिस पॉइंट यानी 1% की कटौती की है। पहले यह 4% था, अब इसे घटाकर 3% किया गया है।
चार हिस्सों में होगी कटौती
यह कटौती चरणबद्ध तरीके से चार हिस्सों में की जाएगी। हर बार 0.25% की कटौती की जाएगी और ये कटौती 6 सितंबर, 4 अक्टूबर, 1 नवंबर और 29 नवंबर 2025 से लागू होगी। इस फैसले से बैंकिंग सिस्टम में करीब ₹2.5 लाख करोड़ की अतिरिक्त नकदी आएगी। इससे बैंकों को पैसा उधार देने में आसानी होगी और लोन पर ब्याज दरें और भी कम हो सकती हैं।
CRR क्या होता है?
CRR यानी कैश रिजर्व रेश्यो वह हिस्सा होता है जो हर बैंक को अपनी कुल जमा राशि में से कुछ प्रतिशत नकद के रूप में RBI के पास रखना पड़ता है। इससे अर्थव्यवस्था में नकदी का संतुलन बना रहता है और महंगाई पर नियंत्रण होता है।
और क्या हुआ बदलाव
- RBI ने रेपो रेट में भी 0.50% की कटौती की है, अब यह 5.5% हो गया है।
- SDF और MSF रेट में भी समान रूप से 0.50% की कमी की गई है।
- मौद्रिक नीति का रुख अब ''Accommodative" से बदलकर "Neutral" कर दिया गया है।
रेपो रेट भी किया कम
गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.50 प्रतिशत घटाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। उन्होंने कहा कि रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती की गई है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।
