RBI ने घटाया रेपो रेट, जानें आम आदमी को इससे क्या-क्या मिलेंगे फायदे

RBI MPC cuts repo rate by 50 bps to 5.5%: आरबीआई ने प्रमुख नीतिगत दर रेपो को 0.50 प्रतिशत घटाकर 5.50 प्रतिशत कर दिया है। गवर्नर संजय मल्होत्रा ने इसी घोषणा की। उन्होंने कहा कि रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती कर इसे 5.75 प्रतिशत से 5.50 प्रतिशत कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि वैश्विक स्तर पर कमजोर आर्थिक परिदृश्य के बीच भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत बनी हुई है।

Authored by: Vishal MathelUpdated Jun 6 2025, 10:35 IST
चलिए जानते हैं रेपो रेट कम होने पर आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे। 01 / 08

चलिए जानते हैं रेपो रेट कम होने पर आपको क्या-क्या फायदे मिलेंगे।

पहले जान लें आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा​02 / 08

पहले जान लें आरबीआई गवर्नर ने क्या कहा​

​आरबीआई गवर्नर संजय मल्होत्रा ने द्विमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा पेश करते हुए कहा कि वैश्विक स्थिति नाजुक, विभिन्न देशों में आर्थिक परिदृश्य कमजोर बना हुआ है। इसलिए रेपो दर में 50 आधार अंकों की कटौती कर इसे 5.75 प्रतिशत से 5.50 प्रतिशत किया जा रहा है।​

नीति का रुख बदला​03 / 08

नीति का रुख बदला​

​आरबीआई गवर्नर मल्होत्रा ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था निवेशकों के लिए अपार अवसर प्रदान करती है। उन्होंने कहा कि मॉनिटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) ने मौजूदा आर्थिक हालात को देखते हुए अपनी नीति का रुख ‘Accommodative’ से बदलकर ‘Neutral’ कर दिया है।​

1. EMI में कटौती​04 / 08

1. EMI में कटौती​

​रेपो रेट घटने से बैंकों की उधारी लागत कम हो जाती है। इसका असर यह होता है कि बैंक होम लोन, ऑटो लोन और पर्सनल लोन जैसी रिटेल लोन (खुदरा लोन) पर ब्याज दरें घटाते हैं। इससे आपकी मासिक EMI कम हो जाएगी।​

2. नए लोन सस्ते होंगे05 / 08

2. नए लोन सस्ते होंगे

​अब अगर आप नया लोन लेने की सोच रहे हैं, तो वह कम ब्याज दर पर मिलेगा। इससे होम लोन, कार लोन या एजुकेशन लोन की कुल लागत घटेगी।​

3. उपभोग (consumption) बढ़ेगा, बाजार में रौनक आएगी​06 / 08

3. उपभोग (consumption) बढ़ेगा, बाजार में रौनक आएगी​

​लोगों के पास EMI में बचत के कारण खर्च करने योग्य आय बढ़ेगी, जिससे वे अधिक खरीदारी या निवेश कर पाएंगे। इसका फायदा व्यापार और अर्थव्यवस्था को भी मिलेगा।​

4. SME और बिजनेस लोन भी सस्ते होंगे​07 / 08

4. SME और बिजनेस लोन भी सस्ते होंगे​

​छोटे और मध्यम बिजनेस के लिए कार्यशील पूंजी (वर्किंग कैपिटल) पर ब्याज घटेगा, जिससे उनके लिए बिजनेस चलाना आसान होगा। इससे रोजगार और आर्थिक गतिविधि को बल मिलेगा।​

5. रियल एस्टेट और वाहन क्षेत्र को बढ़ावा​08 / 08

5. रियल एस्टेट और वाहन क्षेत्र को बढ़ावा​

​कम ब्याज दर पर होम लोन और ऑटो लोन मिलने से घर और वाहन खरीदने वालों की संख्या बढ़ेगी। इससे रियल एस्टेट और ऑटोमोबाइल सेक्टर को लाभ होगा।​

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