आज के डिजिटल दौर में नेट बैंकिंग, यूपीआई और एटीएम के जरिए पैसों का लेन-देन बहुत आसान हो गया है, लेकिन इसके साथ ही बैंकिंग से जुड़ी गड़बड़ियों और फ्रॉड के मामले भी तेजी से बढ़े हैं। कई बार एटीएम से पैसे नहीं निकलते लेकिन खाते से कट जाते हैं, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन फेल होने पर भी रकम वापस नहीं आती, या फिर बैंक बिना बताए खाते से हिडन चार्ज काट लेते हैं। ऐसी स्थिति में जब ग्राहक बैंक के चक्कर काटकर थक जाते हैं और बैंक उनकी सुनवाई नहीं करता, तब रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की लोकपाल योजना (Integrated Ombudsman Scheme) ग्राहकों के लिए सबसे बड़ा हथियार बनती है।
'वन नेशन, वन ओम्बड्समैन' नीति के तहत अब देश के किसी भी बैंक, एनबीएफसी (NBFC) या डिजिटल पेमेंट ऐप के खिलाफ एक ही जगह शिकायत दर्ज कराई जा सकती है।
कब तक कर सकते हैं शिकायत?
आरबीआई लोकपाल से शिकायत करने का एक तय नियम और टाइमलाइन होती है, जिसे जानना हर बैंक ग्राहक के लिए बेहद जरूरी है। अगर आपके साथ बैंकिंग में कोई गड़बड़ी हुई है, तो आप सीधे लोकपाल के पास नहीं जा सकते। सबसे पहले आपको संबंधित बैंक या वित्तीय संस्थान के पास लिखित या डिजिटल माध्यम से अपनी शिकायत दर्ज करानी होगी। बैंक को आपकी शिकायत का समाधान करने के लिए 30 दिनों का समय मिलता है।
अगर बैंक 30 दिनों के भीतर आपकी शिकायत का कोई जवाब नहीं देता, आपकी शिकायत को पूरी तरह खारिज कर देता है, या बैंक के जवाब से आप संतुष्ट नहीं हैं, तभी आप आरबीआई लोकपाल (Ombudsman) के पास अपनी अपील दर्ज करा सकते हैं। ध्यान रहे कि बैंक से जवाब मिलने के एक साल के भीतर या शिकायत दर्ज करने के बाद 30 दिन बीत जाने पर, आपको लोकपाल के पास जाना होता है।
कितना मिलता है मुआवजा
आरबीआई लोकपाल न सिर्फ आपकी समस्या का समाधान करवाता है, बल्कि मानसिक परेशानी और आर्थिक नुकसान के लिए मुआवजे (Compensation) का प्रावधान भी करता है। लोकपाल योजना के तहत ग्राहकों को हुए सीधे आर्थिक नुकसान की भरपाई के लिए अधिकतम ₹20 लाख तक का मुआवजा दिलाया जा सकता है। इसके अलावा, अगर बैंक की लापरवाही के कारण ग्राहक को भारी मानसिक प्रताड़ना झेलनी पड़ी है, उसका समय बर्बाद हुआ है या उसे कानूनी खर्च उठाना पड़ा है, तो लोकपाल बैंक पर ₹1 लाख तक का अतिरिक्त जुर्माना (मुआवजा) लगा सकता है। क्रेडिट कार्ड के मामलों में भी गलत बिलिंग या जबरन कार्ड जारी करने पर इस मुआवजे के नियम लागू होते हैं।
कैसे कर सकते हैं शिकायत
आरबीआई लोकपाल के पास शिकायत दर्ज करने की पूरी प्रक्रिया बेहद आसान और पूरी तरह से मुफ्त है। इसके लिए आपको किसी वकील या कोर्ट-कचहरी के चक्कर काटने की जरूरत नहीं होती। आप आरबीआई के आधिकारिक 'कस्टमर कम्प्लेंट मैनेजमेंट सिस्टम' (CMS) पोर्टल (cms.rbi.org.in) पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज करा सकते हैं, या फिर टोल-फ्री नंबर 14448 पर कॉल करके सहायता ले सकते हैं। इसके अलावा, लिखित शिकायत को आरबीआई के केंद्रीकृत रसीद और प्रसंस्करण केंद्र (CRPC), चंडीगढ़ को डाक द्वारा भी भेजा जा सकता है। कानूनन, लोकपाल का फैसला आने के बाद बैंक को उसका पालन करना ही पड़ता है, जिससे ग्राहकों को त्वरित और निष्पक्ष न्याय मिल पाता है।
