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RBI ने बैंकों में डाले 25101 करोड़ रुपये, 23 मार्च को होगी 1 लाख करोड़ की बड़ी VRR नीलामी

RBI VRR Auction: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने 20 मार्च 2026 को तीन-दिन की वीआरआर नीलामी के जरिए बैंकों में 25,101 करोड़ रुपये की अल्पकालिक नकदी डाली। वीआरआर में बैंक नकदी की मात्रा और ब्याज दर खुद तय कर सकते हैं, जो रेपो दर से लचीली है। साथ ही, 23 मार्च को एक दिन के लिए एक लाख करोड़ रुपये की बड़ी नीलामी आयोजित होगी।

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वीआरआर नीलामी के जरिए बैंकों में डाले जा रहे हैं कैश (तस्वीर-istock)

Photo : iStock

RBI VRR Auction: भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) ने शुक्रवार (20 मार्च 2026) को बैंकों में 25,101 करोड़ रुपये की अल्पकालिक नकदी डाली। यह राशि तीन दिवसीय परिवर्तनीय रेपो दर (वीआरआर) नीलामी के जरिए बैंकिंग सिस्टम में उपलब्ध कराई गई। वीआरआर नीलामी आरबीआई की वह प्रक्रिया है जिसमें बैंकों को अल्पकालिक नकदी उपलब्ध कराई जाती है और ब्याज दर बोली लगाने की प्रक्रिया के जरिए तय होती है। यानी, बैंक यह तय कर सकते हैं कि उन्हें कितनी नकदी चाहिए और उस पर वे कितनी ब्याज दर देने को तैयार हैं। यह प्रक्रिया निश्चित रेपो दर की तुलना में अधिक लचीली होती है। इसके अलावा आरबीआई ने 23 मार्च को एक दिन के लिए बड़ी वीआरआर नीलामी का ऐलान किया है, जिसमें कुल एक लाख करोड़ रुपये की नकदी बैंकों को उपलब्ध कराई जाएगी।

आरबीआई ने बयान में कहा कि इस नीलामी में डाली गई नकदी पर 5.26 प्रतिशत की कट-ऑफ और भारित औसत दर लगी। हालांकि, बैंकों में अग्रिम टैक्स भुगतान और अन्य कारणों से नकदी की तेजी से कमी हुई, जिसके चलते डाली गई राशि आरबीआई द्वारा घोषित 75,000 करोड़ रुपये की योजना से काफी कम रही। विशेषज्ञों का अनुमान है कि 19 मार्च तक बैंकिंग प्रणाली में करीब 16,875.36 करोड़ रुपये की अतिरिक्त नकदी उपलब्ध रहेगी। इससे पहले, 17 मार्च को आरबीआई ने सात दिन की वीआरआर नीलामी के माध्यम से बैंकिंग सिस्टम में 48,014 करोड़ रुपये की नकदी डाली थी।

एक लाख करोड़ रुपये की वीआरआर नीलामी 23 मार्च को

आरबीआई ने 23 मार्च को एक दिन के लिए बड़ी वीआरआर नीलामी का ऐलान किया है, जिसमें कुल एक लाख करोड़ रुपये की नकदी बैंकों को उपलब्ध कराई जाएगी। केंद्रीय बैंक के अनुसार, यह नीलामी सुबह 9:30 बजे से 10:00 बजे तक आयोजित होगी और इन निधियों की वापसी 24 मार्च को होगी। आरबीआई ने यह कदम बैंकिंग प्रणाली की मजबूत स्थिति और मौजूदा तरलता की स्थिरता को ध्यान में रखते हुए उठाया है।

विशेषज्ञों का मानना है कि बैंकिंग सिस्टम में फिलहाल लगभग 16,875.36 करोड़ रुपये का तरलता अधिशेष है। वीआरआर नीलामी की इस प्रक्रिया से बैंक अपनी अल्पकालिक नकदी जरूरतों के अनुसार धन प्राप्त कर सकते हैं। इससे पहले, बैंकिंग प्रणाली में तीन-दिन की वीआरआर नीलामी के जरिए 25,101 करोड़ रुपये डाले गए थे। वीआरआर नीलामी में बैंकों को नकदी मिलने के साथ ही ब्याज दर पर भी नियंत्रण होता है। इस प्रक्रिया से आरबीआई को मौद्रिक नीति के माध्यम से बैंकिंग प्रणाली में तरलता को संतुलित करने में मदद मिलती है।

वीआरआर नीलामी: बैंकों के लिए लाभ

वीआरआर नीलामी का उद्देश्य बैंकों को अल्पकालिक नकदी उपलब्ध कराना और बैंकिंग सिस्टम की तरलता को संतुलित रखना है। यह तरीका पारंपरिक रेपो दर की तुलना में अधिक लचीला है, क्योंकि इसमें ब्याज दर तय करना नीलामी प्रक्रिया पर निर्भर करता है। इससे बैंक अपने वित्तीय संचालन को बेहतर तरीके से प्रबंधित कर सकते हैं और जरूरत के अनुसार अधिक या कम नकदी ले सकते हैं।

आरबीआई की यह रणनीति वित्तीय प्रणाली में स्थिरता बनाए रखने और बाजार में नकदी की कमी से बचने के लिए महत्वपूर्ण मानी जाती है। केंद्रीय बैंक नियमित रूप से वीआरआर नीलामी का आयोजन करता है ताकि बैंकों को उनकी अल्पकालिक नकदी जरूरतों के अनुसार धन मुहैया कराया जा सके और बैंकिंग प्रणाली में तरलता बनी रहे।

नीलामी का असर और भविष्य की योजना

हालिया वीआरआर नीलामियों से बैंकिंग प्रणाली में तरलता की स्थिति मजबूत बनी हुई है। विशेषज्ञों का मानना है कि अगले कुछ सप्ताह में नीलामी के माध्यम से अतिरिक्त नकदी की आपूर्ति से बैंकिंग सिस्टम को लाभ होगा। इसके साथ ही, यह कदम वित्तीय स्थिरता और मौद्रिक नीति के लक्ष्यों को पूरा करने में मदद करेगा।

आरबीआई ने इस बार एक लाख करोड़ रुपये की बड़ी नीलामी का ऐलान किया है, जिससे यह संकेत मिलता है कि बैंकिंग सिस्टम में तरलता को संतुलित करने के लिए केंद्रीय बैंक पूरी तरह तैयार है। इस प्रक्रिया से न केवल बैंकों को अल्पकालिक नकदी उपलब्ध होगी, बल्कि वित्तीय बाजारों में स्थिरता भी बनी रहेगी।

Ramanuj Singh
रामानुज सिंहauthor

रामानुज सिंह पत्रकारिता में दो दशकों का व्यापक और समृद्ध अनुभव रखते हैं। उन्होंने टीवी और डिजिटल—दोनों ही प्लेटफॉर्म्स पर काम करते हुए बिजनेस, पर्सनल फाइनेंस, शेयर बाजार, इनकम टैक्स, बैंकिंग, बुलियन और कमोडिटी मार्केट जैसे विषयों पर गहरी विशेषज्ञता विकसित की है। जर्नलिज्म में एमए की डिग्री और वर्षों के अनुभव से विकसित विश्लेषणात्मक दृष्टिकोण के साथ, रामानुज जटिल वित्तीय विषयों को सरल, विश्वसनीय और प्रभावी तरीके से पाठकों तक पहुंचाने के लिए जाने जाते हैं। अब तक वे 22,000 से अधिक स्टोरीज लिख चुके हैं।

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