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RBI Cancelled license: आरबीआई ने इस कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस किया रद्द, खाताधारकों को मिलेगा इतना पैसा

RBI Cancelled license: डीआईसीजीसी के नियम के अनुसार खाताधारक पांच लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक अपनी जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा। सहकारी बैंक 19 जून, 2024 को कारोबारी समय की समाप्ति से बैंक परिचालन बंद कर चुका है।

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आरबीआई ने सिटी कोऑपरेटिव बैंक का लाइसेंस रद्द किया

RBI Cancelled license: भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाओं के अभाव के कारण द सिटी को-ऑपरेटिव बैंक, महाराष्ट्र का लाइसेंस रद्द कर दिया।रिजर्व बैंक ने कहा कि महाराष्ट्र के सहकारिता आयुक्त और सहकारी समितियों के पंजीयक को बैंक को बंद करने और एक परिसमापक नियुक्त करने का आदेश जारी करने के लिए कहा गया है।रिजर्व बैंक के अनुसार, सहकारी बैंक 19 जून, 2024 को कारोबारी समय की समाप्ति से बैंक परिचालन बंद कर चुका है।

खाता धारकों को कितना मिलेगा पैसा

परिसमापन पर, प्रत्येक जमाकर्ता जमा बीमा और ऋण गारंटी निगम (डीआईसीजीसी) से केवल पांच लाख रुपये की मौद्रिक सीमा तक अपनी जमा राशि की जमा बीमा दावा राशि प्राप्त करने का हकदार होगा।रिजर्व बैंक ने कहा है कि बैंक के आंकड़ों के अनुसार, लगभग 87 प्रतिशत जमाकर्ता डीआईसीजीसी से अपनी जमा राशि की पूरी राशि प्राप्त करने के हकदार हैं।डीआईसीजीसी ने 14 जून, 2024 तक बैंक के संबंधित जमाकर्ताओं से प्राप्त इच्छा के आधार पर कुल बीमित जमाराशियों में से 230.99 करोड़ रुपये का भुगतान पहले ही कर दिया है।

क्यों बंद हुआ बैंक

रिजर्व बैंक ने कहा कि मुंबई स्थित सहकारी बैंक के पास पर्याप्त पूंजी और कमाई की संभावनाएं नहीं हैं। उसने कहा कि अपनी वर्तमान वित्तीय स्थिति के साथ बैंक अपने जमाकर्ताओं को पूरा भुगतान करने में असमर्थ होगा। इसने कहा कि अगर इसे आगे भी अपना बैंकिंग कामकाज जारी रखने की अनुमति दी जाती है तो इससे जनहित पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा। अपने लाइसेंस को रद्द करने के परिणामस्वरूप, सिटी को-ऑपरेटिव बैंक को 'बैंक का व्यवसाय करने से प्रतिबंधित कर दिया गया है, जिसमें अन्य बातों के अलावा, जमा स्वीकार करना और जमा का पुनर्भुगतान शामिल है।

Prashant Srivastav
प्रशांत श्रीवास्तवauthor

करीब 17 साल से पत्रकारिता जगत से जुड़ा हुआ हूं। और इस दौरान मीडिया की सभी विधाओं यानी टेलीविजन, प्रिंट, मैगजीन, डिजिटल और बिजनेस पत्रकारिता में काम करने का मौका मिला। इस समय Timesnowhindi.com में टीम लीड के रुप में बिजनेस, ऑटो, यूटीलिटी, टेक सेक्शन में अपना योगदान दे रहा हूं। करियर का पहला ब्रेक हैदराबाद स्थित मीडिया संस्थान ईटीवी से टेलीविजन के जरिए हुआ। यहां पर टेलीविजन पत्रकारिता की बारीकियों को समझने का मौका मिला। और उसके बाद अगला पड़ाव दिल्ली स्थित दैनिक भास्कर समूह का बिजनेस भास्कर रहा। यहां से बिजनेस पत्रकारिता में कदम रखा। और यह सफर वित्त मंत्रालय की रिपोर्टिंग से लेकर बैंकिंग, इंश्योरेंस, ऑटो, एफएमसीजी, एमएमएमई, टेलीकॉम सेक्टर की ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर कॉरपोरेट जगत की खबरें और इकोनॉमी से जुड़ी खबरों से गुजरते हुए अमर उजाला, मनी भास्कर वेबसाइट से होकर आउटलुक मैगजीन पहुंचा। यहां पर पॉलिटिकल खबरों को करने का मौका मिला। आउटलुक में रहते हुए भाजपा और कांग्रेस पार्टी को भी कवर किया। इस दौरान दिल्ली दंगों पर ग्राउंड रिपोर्ट से लेकर सीएए आंदोलन, किसान आंदोलन और कृषि जगत, वाइल्ड लाइफ से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्ट भी करने का मौका मिला। करियर के इस सफर में 2014 लोक सभा चुनाव, 2019 लोक सभा चुनाव, इसके अलावा उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव, राजस्थान विधान सभा, मध्य प्रदेश विधान सभा चुनाव की ग्राउंड रिपोर्ट भी की। पिछले 16 साल से केंद्रीय बजट की बारीकियों को समझकर उसे आम भाषा में लोगों तक पहुंचाने का भी प्रयास किया है। 17 साल के करियर में करीब 10 साल डिजिटल मीडिया का अनुभव रहा है। पिछले 3 साल से टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल में अपनी सेवाएं दे रहा हूं। पत्रकारिता का ककहरा माखन लाल चतुर्वेदी पत्रकारिता विश्वविद्यालय भोपाल से सीखा है।

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