Ratan Tata Will: रतन टाटा की वसीहत से हाल ही में एक ऐसा खुलासा हुआ जिसने इंडस्ट्री के जाने-माने दिग्गजों को हैरान कर दिया। दरअसल रतन टाटा ने अपनी वसीहत में एक अनजान आदमी के नाम 500 करोड़ रुपये किये हैं। इस आदमी का नाम मोहिनी मोहन दत्त है और रतन टाटा की वसीहत में इस नाम के शामिल होने कि खबर दूर-दूर तक किसी को नहीं थी। 10 अक्टूबर 2024 को रतन टाटा ने मुंबई के एक अस्पताल में अपनी आखिरी सांस ली थी। आइये जानते हैं मोहिनी मोहन दत्त कौन हैं?
कौन हैं मोहिनी मोहन दत्त
इकॉनोमिक टाइम्स के अनुसार मोहिनी मोहन दत्त, लंबे समय से रतन टाटा के सहयोगी थे और रतन टाटा के बेहद करीबी लोग और परिवार के सदस्य ही उन्हें जानते हैं। मोहिनी मोहन दत्त जमेशदपुर से हैं और वो ट्रेवल क्षेत्र के जाने-माने उद्यमी हैं। मोहिनी मोहन दत्त और उनके परिवार के सदस्य ट्रेवल एजेंसी स्टेलियन के मालिक थे। 2013 में ताज ग्रुप ऑफ होटल्स की ताज सर्विसेज में स्टेलियन को शामिल कर लिया गया था। इस कंपनी में 80% हिस्सेदारी मोहिनी मोहन दत्त और उनके परिवार की है जबकि 20% हिस्सेदारी टाटा इंडस्ट्रीज की है।
बेटी भी हैं टाटा ग्रुप का हिस्सा
मोहिनी मोहन दत्त की बेटियों में से एक 2013 तक ताज ग्रुप के लिए काम करती थीं। फिलहाल उनकी बेटी टाटा ट्रस्ट का हिस्सा हैं। दिसंबर 2024 में रतन टाटा के जयंती के सेलिब्रेशन के मौके पर भी मोहिनी मोहन दत्त को बुलावा भेजा गया था। मोहिनी मोहन दत्त और रतन टाटा पहली बार धनबाद में ही मिले थे और तब रतन टाटा की उम्र सिर्फ 24 वर्ष हुआ करती थी।
