Share Market में शुक्रवार को कमजोरी के बावजूद रेलवे स्टॉक्स में जोरदार रैली देखने को मिली है। जहां निफ्टी और सेंसेक्स जैसे बेंचमार्क इंडेक्स भारी दबाव में रहे, वहीं Rail Vikas Nigam Limited (RVNL), Indian Railway Finance Corporation (IRFC) और RailTel Corporation of India (RailTel) में 5% से 12% तक की तेजी देखने को मिली है। यह तेजी सिर्फ एक दिन की नहीं, बल्कि पिछले 5 दिनों और 5 साल के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड के साथ आई है, जिसने निवेशकों का ध्यान फिर रेलवे PSU थीम पर खींच लिया है।
RVNL 5 दिन में करीब 24% उछाल
RVNL का शेयर शुक्रवार को 12 फीसदी से ज्यादा की तेजी के साथ 392.80 रुपये तक पहुंच गया। दिन के आखिर में 3 बजे के करीब 11.4% की तेजी के साथ ₹385.15 के स्तर पर ट्रेड करता दिखा। बीते 5 कारोबारी सत्रों में स्टॉक 23.8% चढ़ चुका है। लंबी अवधि में देखें तो 5 साल में 1,500% से ज्यादा के रिटर्न ने इसे रेलवे सेक्टर का फ्लैगशिप मल्टीबैगर बना दिया है। ऑर्डर बुक, एग्जीक्यूशन विजिबिलिटी और रेलवे कैपेक्स की उम्मीदें RVNL के पक्ष में हैं।
IRFC में स्मार्ट मनी की वापसी
IRFC पिछले पांच दिन में 18 फीसदी से ज्यादा चढ़ चुका है। शुक्रवार को यह 9 फीसदी से ज्यादा चढ़कर 133.63 तक पहुंच गया। वहीं, 3 बजे इसका प्राइस ₹13.85 रहा। इस स्टॉक में लंबे करेक्शन के बाद इसमें री-रेटिंग की उम्मीद से रैली आ रही है। बजट से पहले रेलवे फाइनेंसिंग, स्थिर कैश फ्लो और हाई वॉल्यूम ट्रेडिंग ने सेंटिमेंट मजबूत किया है।
RailTel भी रफ्तार में
RailTel का शेयर भी शुक्रवार को 6 फीसदी से ज्यादा बढ़कर 391 रुपये तक चला गया। हालांकि, बाद में हल्का कंसोलिडेशन देखने को मिला और 3 बजे के करीब यह ₹380.40 के आसपास 6.6% की तेजी के साथ कारोबार करता दिखा। नेटवर्क मॉडर्नाइजेशन, डिजिटल रेलवे और डेटा कनेक्टिविटी से जुड़े प्रोजेक्ट्स इस PSU के लिए स्ट्रक्चरल टेलविंड बने हुए हैं। 5 साल के चार्ट पर RailTel ने भी मजबूत वेल्थ क्रिएशन दिखाया है।
क्यों आई यह तूफानी तेजी?
रेलवे स्टॉक्स में इस रैली के पीछे चार बड़े ट्रिगर काम कर रहे हैं। पहला, फरवरी में बजट में रेलवे कैपेक्स बढ़ने की उम्मीद है। इसके चलते संस्थागत निवेशक प्री-बजट पोजिशनिंग कर रहे हैं। दूसरा कारण सेक्टरल रिकवरी है। क्योंकि, रेलवे स्टॉक्स में लंबे करेक्शन के बाद अब वैल्यू हंटिंग चल रही है। इसके अलावा तीसरा कारण हाई वॉल्यूम ब्रेकआउट है। खासतौर पर RVNL और IRFC में औसत से कई गुना ज्यादा ट्रेडिंग हो रही है। वहीं, पांचवां कारण लॉन्ग-टर्म ट्रैक रिकॉर्ड है।
